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    Published On : Wed, Feb 17th, 2021
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    गोंदिया: कुएं में गिरा ‘ अजगर ‘ रेस्क्यू कर बाहर निकाला

    कुएं में गिरने पर फूंकार रहा था अजगर , मिला जीवनदान

    गोंदिया।50 फीट गहरे तथा बिना मुंडेर के कुएं में गिरे विशालकाय अजगर सांप की जान आखिरकार सर्प मित्र की सूझबूझ के कारण बच गई।
    कुएं में अजगर सांप को देखने के बाद खेत मालिक शीतलदास तिवड़े ने सर्प विशेषज्ञ बंटी शर्मा इन्हें फोन द्वारा सूचना दी।

    जिसके बाद तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन हेतु टीम तिरोड़ा से 2 किलोमीटर दूर ग्राम लोधीटोला स्थित खेत परिसर में कुएं के पास पहुंची उन्होंने झांककर देखा तो कुएं में 35 फीट नीचे पानी में अजगर सांप फूंकारता नजर आया जिसके बाद खास तकनीक के जरिए कुएं से विशालकाय अजगर सांप को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए।

    रेस्क्यू टीम ने एक बड़े टुकड़े में तराजू की तरह रस्सा बांधकर उसे कुएं में डाला और जब अजगर सांप टूकने पर बैठा तो उसे धीरे-धीरे कुएं से ऊपर खींचा गया , अजगर सांप को कुएं से बाहर खींचने के बाद सर्प मित्र और उनकी टीम ने उसे बोरे में डाला और ग्राम चोरखमारा रोड पर स्थित नाले के पास पहुंचे और बोरे को जमीन पर रखकर उसका मुंह खोला गया तो अजगर देखते ही देखते सरपट नागझिरा वन परिसर क्षेत्र से सटे इलाके की झाड़ियों में सुरक्षित विचरण हेतु जंगल की तरफ निकल गया ।

    ज्यादा दिन कुएं में रहता तो अजगर मर जाता
    सांपों को बचाने के काम को अपने जीवन का हिस्सा बनाने वाले सर्पमित्र प्रणय पार्थ उर्फ बंटी शर्मा ने जानकारी देते बताया- खेत में अजगर इसलिए मिल जाते हैं क्योंकि वहां 2 से ढाई किलो के बड़े चूहे जिसे घूस कहते हैं वह आसानी से पाए जाते हैं उन्हीं का शिकार करने के उद्देश्य से अजगर खेत में दाखिल हुआ होगा तथा भारी भरकम वजन होने से वह बिना मुंडेर के कुएं में जा समाया।

    उक्त अजगर 10 दिन पहले गिरा था लेकिन नौकर ने खेत मालिक को बताया नहीं , अगर ज्यादा दिन अजगर कुएं में रहता तो वह मर जाता क्योंकि कुएं में ज्यादा खाने को नहीं मिलता , साथ ही ठंड में ठंडा पानी वैसे ही अजगर जैसे कोल्ड ब्लड वाले प्राणी को सूट नहीं करता इसलिए उस कारण से भी उसकी मृत्यु हो जाती , 1 घंटे की मशक्कत के बाद टुकने में जैसे तराजू बांधते हैं वैसे रस्सा बांधकर टुकने को कुएं में उतारा और 9 फीट लंबे और जांघ जितने मोटे अजगर को सुरक्षित बाहर निकाल कर बोरे में भरकर उसे चोरखमारा जंगल परिसर यहां खुले में विचरण हेतु छोड़ दिए।

    सर्पमित्र बंटी शर्मा ने कहा -अजगर जहरीला नहीं होता , हां उसके जबड़े में दांत बहुत सारे और नुकीले होते हैं जिससे वह काटता बहुत ही गंदा और भयावह तरीके से है , घाव अगर अच्छे से नहीं धोए तो सलाईवा यानी लार अगर इंसानी शरीर में रह गया तो बैक्ट्रिया होने से इंफेक्शन होता है , आदमी मरता सिर्फ दहशत से ही है‌।


    अजगर जैसे बड़े सांपों को सुरक्षित तरीके से ही पकड़ा जा सकता है इसलिए अगर कहीं सांप दिखाई दे तो सर्प विशेषज्ञों को सूचित करें उसे खुद पकड़ने का प्रयास कदाचित ना करें।

    उल्लेखनीय है कि मूक प्राणियों का जीवन और इंसान को खतरे से बचाने हेतु गत 13 वर्षों से सांपों को रेस्क्यू करने का कार्य सर्पमित्र बंटी शर्मा और उनकी टीम कर रही है।

    उक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में बंटी शर्मा का सहयोगी के तौर पर अनिकेत कटरे तथा अमित पारधी ने सहकार्य किया।

    -रवि आर्य


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