Published On : Sun, Jul 19th, 2020

गोंदिया में छापाः करोड़ों की उर्वरक खाद जब्त, गैर लाइसेंसी गोदाम सील

पुलिस प्रशासन ने कृषि विभाग के साथ की कार्रवाई

गोंदिया। खरीफ सीजन में किसान यूरिया खाद के लिए परेशान है वही यूरिया की कृत्रिम किल्लत दर्शाते हुए भोले-भाले किसानों से कुछ कृषि केंद्र संचालक प्रति बोरी 50 से 60 रूपए अधिक दाम वसूल रहे हैं ।

यूरिया की कालाबाजारी जगजाहिर होने पर अब जिला पुलिस प्रशासन ने कृषि विभाग के साथ गोदाम पर दबिश देकर कार्रवाई शुरू कर दी है।

शहर से सटे तुमखेड़ा के मिलटोली इलाके में बिना लाइसेंसी अवैध गोदाम में बड़े पैमाने पर यूरिया खाद व कीटनाशक का भंडारण डंप मिला।

लिहाजा सीतापेठी राइस मिल के कंपाउंड में स्थित इस बिना लाइसेंसी गोदाम को सील कर दिया गया है तथा 24 घंटे का नोटिस थमाते हुए अवैध भंडारण का यह खाद नकली है या असली ? इसके लिए विभिन्न सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे जाने की जानकारी मिल रही है।

मामला कुछ यूं है कि, पुलिस को विश्‍वसनीय सूत्रों से गोंदिया तहसील के तुमखेडा मिलटोली स्थित सीतापेठी राइस मिल यहां के गोदाम में रासायनिक और जैविक उर्वरकों (खाद) का भंडारण किए जाने की जानकारी मिली जिसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक मंगेश शिंदे के मार्गदर्शन में स्थानिक अपराध शाखा दल के सहायक पुलिस निरीक्षक रमेश गर्जे एंव उनकी टीम ने जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कार्यालय के गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक बाळासाहेब गिरी, जि.प. गोंदिया के कृषि विकास अधिकारी मनोहर मुंढे के साथ मिलकर शनिवार 18 जुलाई के दोपहर 1 बजे विदर्भ को. ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन लिमि. के सीतापेठी राईस मिल स्थित गोदाम पर दस्तक दी।

गोदाम के निरीक्षण के दौरान 6465.20 क्विटल रासायनिक खत जिसकी कीमत 1,09,29,996 रूपये है तथा 5020 लिटर जैविक खाद जिसकी कीमत 19,48,800 रूपये है, इस तरह गोदाम में कुल 1 करोड़ 28 लाख 78 हजार 796 रूपये मूल्य के उर्वरकों का स्टॉक (भंडारण) पाया गया।

जांच के दौरान दि. विदर्भ को. ऑप. मार्केटिंग फेडरेशन लिमी. इनके खाद बिक्री लाइसेंस के निरीक्षण से यह भी पता चला कि, उक्त गोदाम लाइसेंस में शामिल नहीं है।

गोदाम का स्थान लाइसेंस में शामिल न होने के कारण रासायनिक खतों को जब्त करते हुए गोदाम सील कर दिया गया । साथ ही विदर्भ को. ऑप. मार्केटिंग फेडरेशन लि. को बिक्री रोक आदेश जारी करते हुए प्रकटीकरण आदेश प्रस्तुत करने के लिए 20 जुलाई 2020 तक की मुद्दत दी गई है।

इस मामले में अब आगे की कार्रवाई जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कार्यालय द्वारा की जा रही है।

जिला पुलिस अधीक्षक मंगेश शिंदे, अप्पर पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी के मार्गदर्शन में इस कार्रवाई को स्थानिक अपराध शाखा दल के सहायक पुलिस निरीक्षक रमेश गर्जे, पुलिसकर्मी सुखदेव राउत, विजय रहांगडाले, लिलेंद्रसिंग बैस, गोपाल कापगते, चंद्रकांत कर्पे, भुमेश्‍वर जगनाडे, रेखलाल गौतम, अजय रहांगडाले, पुरनलाल पटले, चालक विनोद गौतम, विनोद हरिणखेड़े, जिला गुणवत्ता निरीक्षक बाळासाहेब गिरी, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मनोहर मुंढे, चालक सुरेंद्र कांबड़े द्वारा अंजाम दिया गया।

रवि आर्य