Published On : Wed, Nov 18th, 2020

गोंदिया: डंपिंग यार्ड में ‘शरारत की आग’

उठी आग की लपटें , आसमान में जहरीले धुएं का गुबार

गोंदिया शहर के बीचों-बीच मोक्षधाम परिसर से सटी करीब 10 एकड़ जमीन पर डंपिंग यार्ड फैला हुआ है जहां कचरे के पहाड़ से दिखने वाले ढेरों में शाम 6 बजे के बाद सांझ ढलते ही शरारत की आग लगाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

मंगलवार 17 नवंबर के शाम से देर रात तक सूखे कचरे के ढेरों से भयावह आग की लपटें उठती देखी गई नतीजतन डंपिंग यार्ड से 2 किलोमीटर के आसपास से गुजरने पर भी बदबूदार और जहरीले धुएं से लोगों ने सांस लेने में परेशानी की शिकायतें शुरू कर दी।


आग की लपटें और घने काले धुंए का गुबार सेल टैक्स कॉलोनी , साईं लीला शाह कॉलोनी, रावजी नगर , गौरी नगर , बालाजी मंदिर परिसर, राणीसती मंदिर का इलाका , स्टेट बैंक कॉलोनी ,गौशाला वार्ड , सर्कस मैदान , गणेश नगर बर्फ फैक्ट्री इलाका , बिडवाईकर चाल , सुबोध चौक , मोदी पेट्रोल पंप, जय स्तंभ चौक , अशोका कॉलोनी , सहयोग कॉलोनी , बजरंग नगर तक देखा गया इस दौरान सड़कों पर घने कोहरे जैसे धुंध छाई रही।
इलाके के बाशिंदे आंखों में जलन , स्माग से सांस फूलने , घबराहट , खांसी , हृदय , फेफड़े में दिक्कत महसूस करने लगे।

गौरतलब है डंपिंग यार्ड के इन कचरे के ढेरों में प्लास्टिक के साथ दूसरे किस्म के ज्वलनशील रासायनिक पदार्थ शामिल है जिसकी वजह से बेहद बदबूदार जहरीला धुआं फैलने से आसपास के लोग परेशान हो चुके हैं, इस विषैले धुएं की वजह से बुजुर्गों के जीवन पर संकट खड़ा हो गया है उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही हैं अस्थमा के पीड़ितों के लिए तो यह जहरीला धुआं जानलेवा बन चुका है।

आग लगने के कारणों की हो जांच ?

पहले से इंसान कोरोना जैसी विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है ऐसे में बदबूदार धुआं और प्रदूषण की समस्या सेहत के लिए खतरनाक बनती जा रही है।
बताया जा रहा है कि गोंदिया नगर परिषद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कुछ टेंडर प्राप्त ठेकेदार अपनी जिम्मेदारियां ठीक से निभाने में विफल रहे हैं ।
इस रिहायशी इलाके में कचरा डालने का विरोध करने के बावजूद मोक्षधाम परिसर से सटे जमीन पर शहर के 42 वाडो से इकट्ठे किए गए कचरे की गाड़ियां प्रतिदिन कैसे पहुंच रही हैं ? इसके कारणों की जांच की जाए तथा ऐसे कौन से शरारती तत्व है जो डंपिंग यार्ड के कचरे के ढेरों में शाम के वक्त आग लगा देते हैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

न.प प्रशासन ने इस बात को समझना होगा कि यह लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ मामला है।

गोंदिया नगर पालिका द्वारा की जा रही है अनदेखी लोगों के सेहत को भारी पड़ सकती है। इलाके के बाशिंदे खुली साफ स्वच्छ हवा ले सकें यह सुनिश्चित करना न.प प्रशासन का दायित्व है इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो मजबूरन लोगों को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने हेतु विवश होना पड़ेगा तदहेतु न.प प्रशासन जिम्मेदार रहेगा।

रवि आर्य