गोंदिया। हिंदू धर्म में कोई भी पूजा, हवन या मांगलिक कार्य भगवान श्री गणेश की स्तूति से ही शुरू किए जाते है। बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता श्री गणेशाय की चतुर्थी पूरे देश में धूमधाम से मनायी जाती है, खासकर महाराष्ट्र में इसका विशेष महत्व है। आज सोमवार 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का महापर्व है। गणपति बप्पा के भव्य आगमन ने पूरे शहर को एक ही सुर में बांध दिया है ।
गजानन का मंगल प्रवेश: सजे पंडाल , घर घर विराजे
‘गणपति बप्पा मोरया’! की गूंज के साथ देर रात से ही सड़कों पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। हाथों में मोदक, थालियों में आरती और दिलों में उत्साह लेकर श्रद्धालु अपने प्रिय विघ्नहर्ता का स्वागत भव्य आतिशबाजी से कर रहे हैं।
गणेश मंडलों ने इस बार आगमन शोभायात्रा को और खास बना दिया है। पारंपरिक वाद्य, डीजे की धुन, झांकी और नृत्य कर रही टोलियों के साथ हर मंडल ने अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। गुलाल की बौछार और फूलों की बारिश से माहौल और भी रंगीन हो उठा। गोंदिया का हर कोना आज भक्ति और आनंद के रंगों से सराबोर है।

गोंदिया जिले के 556 गांवों में से 445 गांवों में इस बार ‘एक गांव- एक गणपति’ के संकल्पना साकार करते हुए एक ही सार्वजनिक प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। वहीं इस वर्ष जिले में 710 स्थानों पर गणेश उत्सव मंडलों द्वारा सार्वजनिक पंडालों में श्री की प्रतिमा स्थापित होगी।
इन्हें जिले के 17 थाना क्षेत्रों के अंतर्गत समझें तो गोंदिया शहर में 108, गोंदिया ग्रामीण क्षेत्र 81, रामनगर थाना क्षेत्र 62, रवानवाड़ी में 55, तिरोड़ा में 45, गंगाझरी में 46, दावानीवाड़ा में 25, आमगांव में 53, सालेकसा में 45, गोरेगांव में 23, देवरी में 35, चिचगढ़ में 25, डुग्गीपर में 55, नवेगावबंध में 12, किशोरी में 10, अर्जुनी मोरगांव में 30 इसके अलावा 5950 घरों में श्रीगणेश की स्थापना आज की जा रही है।
मान्यता है कि गणपति को अपने घर में प्रतिष्ठापित करने से सारे कष्ट मिट जाते है, क्योंकि वे विघ्नों को दूर करने वाले और मंगल करने वाले देव है।

सुखकर्ता भगवान श्री गणेश के स्वागत की तैयारियां कुमकुम का स्वास्तिक बनाकर तथा लाल केसरियां और पीले वस्त्र को पूजन स्थल पर बिछाकर की गई है। रंगोली, फूल, आम के पत्ते और अन्य सजावटी सामग्री से पैंडालों की सजावट पूर्ण की गई है। ढोल-ताशे नगाड़ों के बीच गणपति बाप्पा मोरिया के जयघोष के साथ श्री गणेश के मुर्तियों की स्थापना हेतू मुर्तिकारों के यहां से रैलीयां आज सुबह से निकलनी शुरू हुई, इस दौरान भक्तों में जबरदस्त उत्साह है।

गणेशोत्सव के त्यौहार को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने हेतु जिला पुलिस प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए है। जिले में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के नियंत्रण तथा अप्पर पुलिस अधीक्षक की देखरेख और जिले के 4 उपविभागीय पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में सभी 17 थाना प्रभारियों द्वारा सार्वजनिक गणेशोत्सव स्थलों, भीड़-भाड़ वाले एवं यातायात वाले क्षेत्रों में निश्चित प्वाइंट व्यवस्था, नाकाबंदी एवं गश्त की योजना बनाई गई है तथा छेड़छाड़, चोरी, उठाईगीरी, पॉकेटमारी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए सादी वर्दी में अधिकारियों के साथ ही चार्ली पथक, दामिनी पथक को भी सक्रिय किया गया है।
इसके अतिरिक्त आर.सी.पी, क्यू.आर.टी. पथक, सी-60 कमांडो, बीडीडीएस, मोटर परिवहन विभाग, बिनतारी संदेश विभाग, जिला यातायात विभाग आदि मुस्तैद रहेंगे। शहर के प्रवेश द्वारों पर नाकाबंदी और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए चप्पे चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने दो-टूक चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास करने वाले आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों तथा कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रवि आर्य




