Published On : Wed, May 19th, 2021

गोंदिया: पीएम केयर फंड से तिरोड़ा उप जिला अस्पताल में जल्द लगेगा ऑक्सीजन प्लांट

स्पाट निरीक्षण हेतु स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की केंद्रीय टीम पहुंची

गोंदिया: देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच ऑक्सीजन को लेकर हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है।

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मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर फंड से मेडिकल ऑक्सीजन बनाने वाले प्लांट को लगाने की मंजूरी दे दी है।
पीएम फंड से देश भर में 551 प्रेशर स्विंग ऑब्सॉटर्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र लगाने का फैसला किया गया है। यह प्लांट विभिन्न राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में चिन्हित अस्पतालों में स्थापित किए जाएंगे ।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ऑफिस ने जिला व तहसील स्तर पर ऑक्सीजन की उपयोगिता को पूरा करने हेतु ऑक्सीजन प्लांट को जल्द से जल्द इंस्टॉल कर उसे शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं।

गोंदिया जिले के गोरेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले तिरोड़ा स्थित उप जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की उपलब्धता को बढ़ाने की दिशा में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट के स्थापना के लिए धन के आवंटन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।

यहां ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट स्थापित करने के पीछे मूल उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना है , इसी सिलसिले में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर एक केंद्रीय टीम बुधवार 19 मई को तिरोड़ा के उप जिला अस्पताल का अवलोकन करने तथा ऑक्सीजन प्लांट की जगह को चिन्हित करने हेतु पहुंची।

बताया जाता है कि यहां 280 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले प्रेशर स्विंग आब्सोटर्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र के इंस्टॉलेशन का काम अगले 15 दिनों के भीतर शुरू होगा इस प्लांट में प्रति मिनट 280 लीटर और एक दिन में 400 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा।

यह प्लांट नजदीकी वातावरण के तापमान पर काम करता है तथा हवा से नाइट्रोजन को अवशोषित करके उसे कान्सनट्रेटेड ऑक्सीजन में बदलता है।
सबसे छोटे एक पीएसए प्लांट की कीमत 50 लाख के करीब होती है।


गौरतलब है कि राज्य सरकारें लगातार केंद्र सरकार से ऑक्सीजन की मदद मांग रही है इसे देखते हुए अब देश भर में 551 डेडीकेटेड मेडिकल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाए जाएंगे , जिन अस्पतालों को चिन्हित किया गया है उनमें एक तिरोड़ा का उप जिला अस्पताल भी है ।

बता दें कि कोरोना संकटकाल की पहली व दूसरी लहर के बीच तिरोड़ा का उप जिला अस्पताल ऑक्सीजन की कमी से जूझता रहा है तथा गंभीर मरीजों को जिला केटीएस और गोंदिया मेडिकल हॉस्पिटल हेतु रेफर कर दिया जाता है।

हालांकि मौजूदा वक्त में एक्टिव कैसेस की संख्या में धीरे-धीरे कमी दर्ज की जा रही है और कोरोना की रफ्तार गोंदिया जिले में ढलान पर है लेकिन तीसरी लहर की आशंका के चलते यह प्लांट मेडिकल ऑक्सीजन के मौजूदा संकट को कम करने में मदद कर सकता है।

रवि आर्य

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