Published On : Fri, Jan 24th, 2020

गोंदिया: रिश्‍वत मांगते जि.प. शिक्षण सभापति पकड़ाया

20 लाख का बिल निकालने हेतु ठेकेदार से 3 लाख की डिमांड

गोंदिया। जिनका काम कुर्सी पर बैठकर जनता के हितों की रक्षा करना और अधिकारियों तथा ठेकेदारों पर लगाम लगाकर शासकीय निधि के दुरूपयोग को रोकना है, अगर वहीं भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे ऩजर आए तो मामले की गंभीरता को समझा जा सकता है।
गोंदिया एन्टी करप्शन विभाग ने जिला परिषद के शिक्षण और स्वास्थ्य सभापति जैसे पद पर बैठे एक बड़ी मछली का शिकार कर यह साबित कर दिया है कि, विभाग की ऩजर हर उस भ्रष्टाचारी पर है जो अपने पद और कुर्सी का दुरूपयोग करता है।

वाक्या कुछ यूं है कि, शिकायतकर्ता यह पेशे से ठेकेदार है तथा उसने वित्तीय वर्ष २०१८-१९ के मार्च माह में शिक्षण व जिला निधि शिक्षण योजना अंतर्गत जिला परिषद गोंदिया द्वारा विद्युतीकरण के २१ कामों का टेंडर प्राप्त किया और इन कामों का संपूर्ण अधिकार ठेकेदार को दिया गया था।

शिकायतकर्ता को इन कामों के कुछ बिल भी प्राप्त हुए जिसके बाद गैरअर्जदार जि.प. के शिक्षण व स्वास्थ्य सभापति रमेश अंबुले ने विद्युतीकरण के कामों के लगभग २० लाख की निविदा रकम के बिल पास करवा देने के लिए २० प्रतिशत कमीशन अर्थात ४ लाख रिश्‍वत की डिमांड कर दी।

विद्युतीकरण के कुछ कामों की मंजूरी हेतु भेजे गए बिल जिला परिषद द्वारा मंजूर न किए जाने पर शिकायतकर्ता यह गैरअर्जदार रमेश अंबुले से मिलने उसके दफ्तर पहुंचा जिसपर शिक्षण व स्वास्थ्य सभापति ने रोके गए बिल निकालकर देने के लिए २० प्रतिशत कमीशन राशि ४ लाख रूपये देने की मांग पुनः दोहरायी।

लिहाजा ठेकेदार ने २० जनवरी को भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग के दफ्तर पहुंच शिकायत दर्ज करा दी। मामले की जांच पश्‍चात एसीबी विभाग अधिकारियों ने जाल बिछाया, इस दौरान फिर्यादी ठेकेदार को आरोपी ने २१ जनवरी को अपने ग्राम दांडेगांव स्थित घर पर बुलाया जिसके बाद मोलभाव पश्‍चात बिल की रकम पर १५ प्रतिशत कमीशन अर्थात ३ लाख रूपये में सौदा तय होने पर शिकायतकर्ता ठेकेदार से रिश्‍वत की रकम स्वीकार करने का प्रयास करते हुए आरोपी रमेश अंबुले को आज २४ जनवरी को जिला परिषद के दफ्तर से धरदबोचा गया, क्योंकि समूची बातचीत व मोलभाव गंगाझरी थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम दांडेगांव में हुआ लिहाजा अब घूसखोर शिक्षण , स्वास्थ्य व क्रीडा समिति सभापति रमेश अंबुले (४९ रा. दांडेगांव) के खिलाफ गंगाझरी थाने में धारा ७ भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कायदा १९८८ की सुधारित कलम २०१८ के तहत जुर्म दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी की गई है।

उक्त छापामार कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रश्मी नांदेडकर तथा अप्पर पुलिस अधीक्षक राजेश दुद्दलवार (एसीबी नागपुर) के मार्गदर्शन एंव पुलिस उपअधीक्षक रमाकांत कोकाटे के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक शशीकांत पाटिल, सफौ. विजय खोब्रागड़े, पो.ह. प्रदीप तुलसकर, राजेश शेंद्रे, नापोसि रंजित बिसेन, दिंगबर जाधव, नितिन रहांगडाले, मनापोसि गीता खोब्रागड़े, वंदना बिसेन, चालक देवानंद मारबते द्वारा की गई।

रवि आर्य