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    Published On : Fri, Apr 9th, 2021
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    गोंदिया: नागझीरा के जंगल में संदेह की आग , 3 वन मजदूरों की झुलसकर मौत , 2 गंभीर

    पिटेझरी के 4 कंपार्टमेंट में लगी आग, बुझाने के प्रयास के दौरान गंवाई जान

    गोंदिया जिले के थाड़ेझरी और कोसमतोंडी गांव से सटे नागझीरा अभ्यारण के पिटेझरी स्थित कंपार्टमेंट नंबर 97 , 98 , 99 , 100 यहां गुरुवार 8 अप्रैल के दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के दरमियान किन्हीं अज्ञात शरारती तत्वों ने भीषण आग लगा दी देखते ही देखते संदेह की भीषण आग पूरी तरह जंगल को चपेट में लेती चली गई ।

    बताया जाता है कि जंगल में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था तथा आग बुझाने के काम में नवेगांव बांध- नागझीरा व्याघ्र प्रकल्प के 60 से 70 अधिकारी कर्मचारी और वन मजदूर लगे हुए थे , इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्र इलाके के वन परिक्षेत्र में लगी आग के बीच घिरकर वन मजदूर फंस गए , आग में फंसे वन मजदूरों को बचाव दल ने निकालने का प्रयास किया लेकिन पहाड़ी क्षेत्र के दूसरे हिस्से से सुरक्षित उतारने के प्रयास में 2 वन मजदूर बुरी तरह झुलस कर जख्मी हो गए जिनका उपचार नागपुर के आरएसी हॉस्पिटल में जारी है जबकि 3 वन मजदूरों की घटनास्थल पर ही झुलस कर मौत हो चुकी थी ।

    गोंदिया वन विभाग अधिकारियों ने एक्टिव फायर तथा 3 वन मजदूरों की मौत और उनके पोस्टमार्टम की बात स्वीकार की है , इसके अलावा इस मुद्दे पर वन विभाग ने वाइल्डलाइफ विभाग एनजीओ के साथ बैठक बुलाई है ताकि मृत तीन मजदूरों के परिवारों और दो गंभीर मजदूरों को तत्काल उचित आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाए।

    मार्च से जून के दरमियान प्रतिवर्ष जंगल में लगती है संदेह की आग

    गोंदिया वन विभाग द्वारा फरवरी से जून के मध्य वृक्षों की कटाई ,बाबू कटाई , महुआ फूल संकलन और तेंदूपत्ता की तुड़ाई के लिए टेंडर जारी किए जाते हैं , वर्क ऑर्डर इश्यू होने के बाद ठेकेदार , मजदूरों के माध्यम से जंगल में वन संपदा एकत्र करने के काम में जुट जाते हैं ।

    जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा होता है और तेज हवाएं चल रही होती है इसी दौरान संदेह की आग के शोले भी गोंदिया के जंगलों में भड़कने लगते हैं।
    ठेकेदारों पर यह अक्सर आरोप लगते आए हैं कि वे तय क्षमता से अधिक वन परीक्षेत्र से तेंदूपत्ता और महुआ फूल का संकलन करते हैं, तथा अपनी कारगुजारीओं को छुपाने के लिए सबूत नष्ट करने के उद्देश्य के तहत आगजनी जैसी घटनाओं में वृद्धि होने लगती है।

    बताया जाता है कि 8 अप्रैल गुरुवार को पिटेझरी वन परिक्षेत्र मैं आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चला है यह शरारती तत्वों की करतूत हो सकती है।

    बहरहाल आग बुझाने में जुटे थाड़ेझरी , धानोरी , कोसमतोंडी निवासी ३ वन मजदूर राकेश युवराज मड़ीवी (40) , रेखचंद गोपीचंद राणे ( 45 ) सचिन अशोक श्रीरंगे (27 ) की मौत हो चुकी है जबकि विजय मरस्कोल्हे (40, थाड़ेझरी तहसील सड़क अर्जुनी, जिला गोंदिया ) राजू श्यामराव सयाम (30 ग्राम बोडूंदा , जिला गोंदिया ) का गंभीर अवस्था में उपचार नागपुर अस्पताल के बर्न वार्ड में जारी है।

    रवि आर्य


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