गोंदिया। जिले में युवाओं की नसों में जहर घोलने वाले नशा माफियाओं के खिलाफ स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे तथा अप्पर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे के सख्त निर्देशों के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने 23.25 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बरामद कर दो अंतरजिला तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए ड्रग्स, तस्करी में प्रयुक्त लग्जरी कार और मोबाइल सहित कुल 10 लाख रुपये का माल जब्त किया गया है।
नागपुर से गोंदिया आ रही थी नशे की खेपस्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक रेवचंद सिंगनजुडे को 14 अगस्त को पुख्ता और गोपनीय सूचना मिली थी कि आकाश मेश्राम अपने साथी के साथ कामठी (नागपुर) से सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार में मादक पदार्थों की बड़ी खेप लेकर चुटिया रोड के रास्ते गोंदिया में एंट्री करने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम एक्शन मोड में आ गई और शाम करीब 6 बजे चिचटोला से चुटिया मार्ग पर सघन नाकाबंदी कर दी गई।
सफेद स्विफ्ट कार में छिपा था ‘सफेद जहर’
नाकाबंदी के दौरान चिचटोला की तरफ से तेज रफ्तार में आ रही संदिग्ध सफेद स्विफ्ट डिजायर कार को पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। पंचों के समक्ष गाड़ी में सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लेकर जब तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। आरोपियों के पास से पारदर्शी प्लास्टिक जिपर पाउच में 23.25 ग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद हुआ, जिसका बाजार मूल्य 4 लाख 65 हजार रुपये आंका गया है।
पुलिस ने ड्रग्स तस्कर आकाश दिलीप मेश्राम (उम्र 49, निवासी- सावित्रीबाई फुले वार्ड (कुंभारेनगर) गोंदिया तथा रिजवान इकबाल शेख (उम्र 37, निवासी- रामनगर, बाजार चौक, गोंदिया ) को डिटेन किया।
खतरनाक है म्याऊं म्याऊं ड्रग्स: सेवन से हार्ट अटैक- ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
मेफेड्रोन ( MD) ड्रग्स को आम बोलचाल की भाषा में ‘म्याऊं-म्याऊं’ (Meow Meow) , M-CAT, White Magic, और Drone जैसे कोड नामों से भी जाना जाता है यह एक उत्तेजक ड्रग है, जो ‘कैथिनोन’ श्रेणी में आता है। देखने में यह सफेद या हल्के पीले रंग के पाउडर या क्रिस्टल जैसा होता है ,
इसके सेवन से हृदय गति और रक्तचाप तेजी से बढ़ता है, जिससे कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा रहता है।
अत्यधिक घबराहट, मतिभ्रम, अनिद्रा,अवसाद और आक्रामक व्यवहार जैसे गंभीर मानसिक विकार उत्पन्न होते हैं। भारत में इसका उत्पादन, भंडारण , परिवहन , बिक्री , सेवन, गैर जमानती और दंडनीय अपराध है जिसके तहत कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
ड्रग्स किससे खरीदा ? किसे होनी थी डिलीवरी ? लिंकेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स 23.25 ग्राम (मूल्य 4,65,000 )तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार (मूल्य 5 लाख), 2 एंड्रॉइड मोबाइल फोन (मूल्य 35,000) इस तरह कुल 10 लाख का माल जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ गोंदिया शहर पुलिस थाने में (NDPS) एक्ट के तहत गैर-जमानती मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस सिंडिकेट के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही है कि नागपुर में यह माल किससे खरीदा गया था और गोंदिया में किन-किन ठिकानों पर इसकी डिलीवरी होनी थी इसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
इस जांबाज टीम ने की कार्रवाई
इस सफल ऑपरेशन को पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे एवं अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे के मार्गदर्शन में LCB निरीक्षक रेवचंद सिंगनजुडे के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में एपीआई अभिषेक जंगमवार, एएसआई राजू मिश्रा, हवलदार महेश मेहर, तुलसीदास लुटे, दुर्गेश तिवारी, प्रकाश गायधने, सिपाही राकेश इंदूरकर, सुनील डहाके तथा चालक सिपाही राम खंडारे और निलेश ठाकरे शामिल रहे।
रवि आर्य




