
गोंदिया। नगर परिषद अध्यक्ष सचिन शेंडे ने अपना वादा निभाते हुए पत्रकारों को सभागृह के भीतर बैठकर आमसभा की रिपोर्टिंग की अनुमति दे दी है। जिला सूचना अधिकारी कार्यालय से ऑथेंटिक सूची में दर्ज (नियुक्ति पत्र/आई-कार्ड धारक) पत्रकारों को यह अधिकार दिया गया है।
इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत 15 जनवरी 2026, गुरुवार को आयोजित पहली आमसभा से हुई।
सभागृह के भीतर पांच पत्रकारों के लिए विशेष कुर्सियों की व्यवस्था की गई, वहीं सदन की कार्यवाही की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की भी अनुमति प्रदान की गई।
मकसद , जनता तक सदन की सच्ची तस्वीर पहुंचाना
इस निर्णय का उद्देश्य काम में पारदर्शिता और जनता तक सदन की सच्ची तस्वीर पहुंचाना है -कि चुने हुए पार्षद शहर के विकास के मुद्दे उठा रहे हैं या फिर पार्टी निर्देशों, व्यक्तिगत स्वार्थ अथवा आर्थिक लाभ से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सभागृह के भीतर किस नगर सेवक का आचरण ( हंगामा/ दबंगई ) क्या है ? अब प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से यह सब सीधे जनता के सामने होगा।
इससे नागरिक तय कर सकेंगे कि जिन प्रतिनिधियों को उन्होंने वार्ड और शहर के विकास के लिए चुना है, वे वास्तव में सभागृह के भीतर शहर की बेहतरी के लिए क्या भूमिका निभा रहे हैं।
गौरतलब है कि पत्रकार वर्ष 2012 से सभागृह के भीतर बैठने की अनुमति की मांग कर रहे थे, लेकिन दो कार्यकाल बीत जाने के बावजूद किसी नगराध्यक्ष ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया।
अब नवनिर्वाचित नगर परिषद अध्यक्ष सचिन शेंडे द्वारा ” प्रत्येक आम सभा में पांच पत्रकारों की एंट्री ” यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है जो शहरभर में सराहना का विषय बना हुआ है।
रवि आर्य










