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    Published On : Mon, Feb 10th, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    गोंदियाः कचारगढ़ मेले में आदिवासी संस्कृति की झलक

    कोया पूनम महोत्सव व गोंडवाना राष्ट्रीय अधिवेशन में ५ लाख श्रद्धालू जुटे

    गोंदिया: गोंदिया जिले की सालेकसा तहसील में प्रकृति की गोद में बसा कचारगढ़ यह गोंड आदिवासियों का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। जमीनी सतह से ५१८ मीटर ऊंचाई पर यहां उद्गम प्रकृति सौंदर्य सतपुड़ा पहाड़ की विशाल गुफा है जहां प्रतिवर्ष कोया पूनम महोत्सव यात्रा का आयोजन किया जाता है जिसमें देशभर से ५ लाख से अधिक आदिवासी समाज के श्रद्धालू अपने आराध्य देव पारी कुपार लिंगों मां कली कंकाली के दर्शनों हेतु पहुंचते है। इस स्थान का धर्म दिशा के प्रचार-प्रसार के लिए भी खासा महत्व है।

    इस वर्ष ७ फरवरी से १० फरवरी तक आयोजित ५ दिवसीय कचारगढ़ के राष्ट्रीय गोंडवाना अधिवेशन में केंद्रीय फौलाद राज्यमंत्री फगनसिंह कुलस्ते , क्षेत्र के सांसद अशोक नेते , गोंडवाना परिषद के रत्नदादा मरकाम, गोंडी प्रचारक शितलसिंह मरकाम, विधायक सहसराम कोरेटे, पूर्व विधायक संजय पुराम आदि गणमान्यों की उपस्थिती में गोंडवाना साम्राज्य का झंडा फहराया गया तथा पहाड़ी क्षेत्र से एक महारैली शंभुसेवक पालखी गढ़ तक निकाली गई तथा गणमान्यों की उपस्थिती में पूजा-अर्चना की गई। मेले का शुभारंभ करते केंद्रीय राज्यमंत्री कुलस्ते ने कहा- कचारगढ़ गुफा व तीर्थक्षेत्र के समूचे विकास के लिए २१ करोड़ की निधि प्रस्तावित है, जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार भरपूर निधि उपलब्ध करायेगी।

    गोंडी संस्कृति, गोंडी सभ्यता, गोंडी नृत्य ने समां बांधा
    कचारगढ़ के कोया पूनम महोत्सव व गोंडवाना राष्ट्रीय अधिवेशन का हिस्सा बनने १८ प्रदेशों से ५ लाख आदिवासी अपनी परम्परागत गोंडी वेशभूषा तथा गले में पीले रंग के दुपट्टे धारण कर पहुंचे। सांस्कृतिक महोत्सव निमित्त आदिवासी छात्राओं ने नृत्य प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध किया। वहीं ढोल-नगाड़े, तीर कमान और वाद्य यंत्रों के साथ गोंडी समाज की कर्मभूमि पर पधारे आदिवासियों ने ४ किमी तक की यात्रा तक विशेष गोंडी नृत्य की प्रस्तुति की और जय सेवा, जय-जय सेवा , जंगों माता की जय, लिंगो बाबा की जय, गोंडी भाषा व संस्कृति अमर रहे जैसे जयघोष से परिसर गूंज उठा।

    कोया पूनम महोत्सव में गोंडी संस्कृति, गोंडी साहित्य के भी दर्शन हो रहे है तथा विभिन्न जड़ी बुटियों के स्टॉल और विशिष्ट खान पान के स्टॉल भी सजे हुए है। इस मेले का लुफ्त उठाने के लिए आस-पास इलाकों के नागरिक भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे है।

    रवि आर्य


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