
गोंदिया। रिंग रोड, कुड़वा नाका स्थित मशहूर प्रतिष्ठान शालीमार होटल में ग्राहकों की सेहत के साथ खुलेआम खिलवाड़ कर नियमों की धज्जियां उड़ाने और बार-बार चेतावनी के बावजूद गंदगी का साम्राज्य बनाए रखने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने कड़ा प्रहार करते हुए होटल का खाद्य व्यवसाय लाइसेंस 13 अक्टूबर से आगामी आदेश तक सस्पेंड कर दिया है।
नोटिस को दिखाया ठेंगा, दोबारा जांच में खुली पोल
FDA की टीम ने 3 सितंबर को FoSCoS प्रणाली के तहत होटल का औचक मुआयना किया था। वहां पाई गई भारी गड़बड़ियों को सुधारने के लिए संचालक को बाकायदा ‘सुधार नोटिस’ थमाया गया था। लेकिन होटल प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और कोई सुधार रिपोर्ट पेश नहीं की। 12 अक्टूबर को जब अधिकारी दोबारा जांच के लिए पहुंचे, तो हालात जस के तस बदतर मिले।
FDA का चला चाबुक , निलंबन अवधि के दौरान कारोबार पर रोक
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की तब आंखें फटी की फटी रह गईं जब होटल के भीतर खुली नालियों में सड़ा हुआ खाद्य कचरा बजबजा रहा था।
किचन की दीवारों का प्लास्टर और रंग उखड़ा पड़ा था।
वेंटिलेशन और एग्जॉस्ट सिस्टम पूरी तरह गंदगी से चोक थे। फर्श फिसलन भरा था और कर्मचारियों के हाथ धोने तक का कोई इंतजाम नहीं था। खाना बनाने और परोसने वाले स्टाफ की पर्सनल हाइजीन (व्यक्तिगत स्वच्छता) शून्य पाई गई।
लिहाज़ा अगले आदेश तक खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ा संज्ञान लेते हुए FDA गोंदिया की सहायक आयुक्त व अभिहित अधिकारी अमृता शिर्के ने तत्काल प्रभाव से शालीमार होटल का लाइसेंस निलंबित करने का फरमान जारी कर दिया है।
आदेश में साफ चेताया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान होटल में किसी भी तरह का खाद्य कारोबार संचालित नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने जिले के तमाम होटल संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। साथ ही नागरिकों से अपील की है कि कहीं भी बासी या अस्वच्छ खाना मिले तो फौरन FDA से शिकायत करें ।
रवि आर्य



