Published On : Mon, Aug 24th, 2020

गोंदिया: पुजारीटोला डैम पर खतरनाक सेल्फी और स्टंटबाजी का दौर

गोंदिया: पुजारीटोला डैम पर खतरनाक सेल्फी और स्टंटबाजी का दौर

गोंदिया: सेल्फी लेने की लत को अब शौक नहीं , नशा कहने का समय आ गया है क्योंकि आज का युवा वर्ग खतरनाक स्टंटबाजी करते हुए सेल्फी लेने में व्यस्त हैं।

दीवानगी ऐसी कि वह ठीक से जगह को देख भी नहीं पाता इन चट्टानों पर फिसलन भरे पानी के रास्तों पर जरा सा संतुलन खोया तो वह मंजर कितना भयावह हो सकता है ?

पागलपन की हद तक फोटो लेने की सनक गत 2 दिनों से पुजारीटोला डैम पर आने वाले पर्यटकों के ऊपर पर सवार है।

गोंदिया जिले में हुई भारी बारिश के कारण यहां के नदी , तालाब जलाशय लबालब है लिहाजा 22 अगस्त शनिवार के सुबह कालीसराड़ , पुजारी टोला और सिरपुर डैम के गेट खोल कर हजारों क्यूसेक पानी की निकासी की गई , आज सोमवार 24 अगस्त को पुजारी टोला डैम के 6 दरवाजे खुले हैं , जलाशय के गेट खुले रहने पर ऊंचाई से पानी की नीचे गिरती बोछारों को देखने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।


डैम से गिरते हुए पानी की सेल्फी तस्वीर लेने के लिए उत्साही युवक दरवाजे के नीचे खड़ी दीवार पर चढ़ जाते हैं इस खतरनाक स्टंटबाजी के चलते कभी भी दुर्घटना घट सकती है।

वहीं कुछ कपल्स और युवा पानी के बीच चट्टानों पर जाकर बैठ रहे हैं और वहां खतरनाक सेल्फी ले रहे हैं इस दौरान जलाशय से पानी छोड़ने पर अगर अचानक यहां का जलस्तर बढ़ गया तो यह पानी से घिरकर , मुसीबत में पड़ सकते हैं।.

मजे की बात यह है कि यहां आने वाले सैलानियों को ना तो 2 गज की दूरी ( सोशल डिस्टेंसिंग ) का ध्यान है , ना उनके चेहरे पर मास्क ना होने का एहसास और तो और इन प्रसिद्ध जलाशयों के आसपास अब खान पान की दुकानें ( स्टॉल) भी सज चुकी है , जहां सैलानियों की भारी भीड़ देखी जा रही है , कुल मिलाकर लाकडाउन परिधि में नियम कायदे कानूनों की धज्जियां उड़ रही है।

गौरतलब है कि गत कुछ दिनों में तालाब में डूबने जैसी घटनाएं सामने आई हैं , इसी के मद्देनजर जिला आपत्ती व्यवस्थापन प्राधिकरण की ओर से बार-बार यह एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों से जलाशय , नदी , तालाबों से दूरी बनाए रखने का आह्वान किया जा रहा है लेकिन जिला प्रशासन की इस अपील का असर होता दिखाई नहीं दे रहा ऐसे में किसी अप्रिय घटना को टालने के लिए तथा जान-मालकियत की सुरक्षा के मद्देनजर जलाशयों के निकट सिक्योरिटी गार्ड्स की तैनाती अथवा पुलिस बंदोबस्त लगाए जाने की मांग की जा रही है।

रवि आर्य