Published On : Sun, Jun 6th, 2021

गोंदिया: अच्छी सेहत और पर्यावरण के लिए साइकिल चलाना जरूरी

अब हर रविवार सिंधी समाज की महिलाएं मनाएंगी ‘संडे साइकिल- डे ‘

गोंदिया। साइकिलिंग शरीर और स्वास्थ्य के लिए तो बेहतर है ही यह पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए भी अनुकूल है।

बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण को हो रहे नुकसान को लेकर शहरवासी अगर अपने आसपास की दूरी तय करने के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में अगर साइकिल का इस्तेमाल करें तो प्रतिदिन सैकड़ों लीटर पेट्रोल की खपत कम होगी, साथ ही शहर का प्रदूषण स्तर भी कम होगा।

क्लीन गोंदिया- ग्रीन गोंदिया के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर स्थानीय सिंधी कॉलोनी के शंकर चौक से आज 6 जून रविवार को सुबह 6:00 बजे सिंधी समाज की महिलाओं और युवतियों का जत्था फूलचूर के बम्लेश्वरी (कांच मंदिर) की ओर जय झूलेलाल के जय घोष के साथ ‘ संडे साइकिल डे ‘ अभियान ‘ पर रवाना हुआ।


आयोजन का मकसद दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देने, सेहत और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा समाज की महिलाओं को प्रोत्साहित करना था।

गौरतलब है कि आज भी शहर से लेकर गांव तक ऐसे लोग हैं जिनके स्वास्थ्य की कुंजी साइकिल है , साइकिलिंग सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद है , इससे पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है।

विशेषज्ञों की मानें तो प्रतिदिन 30 मिनट साइकिल चलाने से इम्यूनिटी ( रोग प्रतिरोधक क्षमता ) बढ़ती है इससे बीमार होने का खतरा कम होता ही है , रोजाना साइकिल चलाने से मस्तिष्क भी स्ट्रांग होता है। इसलिए अब हर संडे को सिंधी समाज की महिलाएं सुबह 6:00 बजे से 7:00 बजे तक ‘ संडे साइकिलिंग डे ‘ मनाएंगी इस बात की घोषणा सिंधी जनरल पंचायत महिला समिति की अध्यक्षा तानिया भगवानी द्वारा इस अवसर पर की गई जिसका ध्वनि मत से प्रथम दिन अभियान में शामिल सभी 60 महिलाओं ने स्वागत किया , इसके लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप ही बनाया गया।

‘ संडे साइकिलिंग डे ‘ में हिस्सा लेने वाली सबसे अधिक उम्र की महिला कविता पृथ्यानी उन्हें पुरस्कार देकर महिला समिति द्वारा सत्कार किया गया।
वापसी में नास्ता एवं एनर्जी ड्रिंक की व्यवस्था महिला समिति की ओर से की गई ।

आयोजन के सफलतार्थ- महिला समिति अध्यक्षा तानिया भागवानी ,सचिव- कीर्ति आहूजा , उपाध्यक्ष- सीमा दीवानी, सहसचिव- कविता पृथ्यानी , कार्यकारणी सदस्य हेमा कुन्दनानी,वंदना कुन्दनानी, आरती आडवाणी, संगीता चांदवानी, कविता बजाज,
भूमि वतवानी आदि ने अपना अथक सहयोग प्रदान किया।

रवि आर्य