Published On : Tue, Aug 5th, 2025
By Nagpur Today Nagpur News

गोंदिया: 11 हज़ार पार्थिव शिवलिंगों का महाअभिषेक करने , भक्तों की उमड़ी भीड़

सावन महोत्सव में शिव नाम की गूंज , हर हर महादेव के जयकारों से गूंजा हनुमान मंदिर परिसर
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गोंदिया। सावन मास का चौथा सोमवार यानी 4 अगस्त गोंदिया के सिविल लाइन स्थित जागृत हनुमान मंदिर के लिए खास रहा समूचा मंदिर परिसर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर हो गया। हनुमान मंदिर सेवा समिति से जुड़े लगभग 500 शिवभक्त परिवारों ने एक साथ 11 हज़ार पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर अनूठा पूजन अनुष्ठान किया।

इन छोटे-छोटे शिवलिंगों को पवित्र नदियों की मिट्टी में विभिन्न सुगंधित द्रव्य मिलाकर मंदिर परिसर में ही भक्तों ने अपने हाथों से गढ़ा।
विशाल थाली में कतारबद्ध 11 हज़ार शिवलिंगों के बीच एक भव्य शिवलिंग की स्थापना की गई।
मंत्रोच्चार और शिव मंत्र जाप के साथ दोपहर 2 बजे पूजन शुरू हुआ , इस दौरान हर ओर “ॐ नमः शिवाय” के जयकारे गूंजते रहे और उपस्थित श्रद्धालुओं ने सुंदर शिव भजनों की प्रस्तुति की।

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शिव आराधना से महक उठा वातावरण

जब जलाभिषेक का शुभ क्षण आया, तो पूरा वातावरण आस्था, श्रद्धा और शिवभक्ति की ऊर्जा से महक उठा।
भक्तों ने भोलेनाथ से सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पार्थिव शिवलिंग पूजन न केवल भक्त की हर इच्छा पूर्ण करता है, बल्कि जीवन में सकारात्मकता और दिव्य शक्ति का संचार भी करता है। श्री हनुमान मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष सुधीर बजाज के प्रमुख उपस्थिति में नागपुर टुडे से बात करते पंडित सुरेंद्र शर्मा ने महा रुद्राभिषेक के विषय में जानकारी देते बताया – गत 2015 से भक्तों के सुख समृद्धि कामना पूर्ति के लिए यह धार्मिक उत्सव आयोजित किया जा रहा है , मंदिर परिसर में अभिषेक पूजन अनुष्ठान का सिलसिला सुबह जारी है।

शाम 4 बजे हवन ,शाम 5 बजे महाआरती तत्पश्चात 5:30 बजे से महाप्रसाद वितरण का आयोजन रखा गया ।
विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह मंत्री देवेश मिश्रा ने बताया- मंदिर समिति 11000 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर जलाभिषेक गत 10 वर्षों से करवा रही है। कार्यक्रम का मकसद- समाज को समाज से , व्यक्ति को व्यक्ति से जोड़ना है ।

जो श्रद्धालु सावन माह में जलाभिषेक करने तीर्थ स्थलों पर नहीं जा सकते वो सावन माह में चौथे सोमवार को यहां आकर जलाभिषेक करते हैं तो उन्हें भगवान भोलेनाथ के विराट रूप में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन हो जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।

रवि आर्य

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