
गोंदिया | महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बयानबाज़ी ने आग पकड़ ली है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व मौजूदा विधायक नाना पटोले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए चुनाव प्रक्रिया से लेकर नेताओं की लोकप्रियता तक पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
गोंदिया दौरे पर पहुंचे नाना पटोले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान का जोरदार विरोध किया, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को लेकर टिप्पणी की थी कि वे जनता के लिए नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व के लिए लड़ते हैं। पटोले ने पलटवार करते हुए कहा- “दिल्ली में बैठे अपने आकाओं से कहिए कि बैलेट पेपर पर चुनाव कराकर देखें… तब राहुल गांधी की असली लोकप्रियता सामने आ जाएगी।
उन्होंने साफ कहा कि राहुल गांधी की हार जनता की वजह से नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया की खामियों के कारण होती है।
“मुख्यमंत्री बेईमानी से चुने गए” , चुनाव आयोग बीजेपी का ” चपरासी “- पटोले
नाना पटोले यहीं नहीं रुके, उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा- “राज्य के मुख्यमंत्री बेईमानी से चुने गए हैं।”
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर नरेंद्र मोदी और भाजपा को अपनी ताकत पर भरोसा है, तो बैलेट पेपर पर चुनाव कराकर जीतकर दिखाएं।
चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल, खड़े करते नाना पटोले ने उसे बीजेपी का ‘चपरासी’ तक कह डाला।राजनीतिक तापमान उस वक्त और बढ़ गया जब पटोले ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते कहा “चुनाव आयोग, प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा का ‘चपरासी’ बनकर काम कर रहा है।”पटोले ने मांग की कि अगर भाजपा सच में राहुल गांधी की लोकप्रियता पर सवाल उठा रही है, तो एक बार बैलेट पेपर पर चुनाव करवाकर सच्चाई सामने लाई जाए।इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर घमासान तेज होने के संकेत हैं।
एपस्टीन फाइल्स की तर्ज पर… खरात का राजनीतिक इस्तेमाल”-नाना पटोले
मामला यहीं नहीं थमा। महाराष्ट्र में चर्चित भोंदू बाबा खरात केस को लेकर भी पटोले ने सरकार पर बड़ा आरोप लगाया।
नाना पटोले बोले- “खरात का मामला पूरी तरह राजनीतिक इस्तेमाल के लिए खड़ा किया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि जिस तरह “एपस्टीन फाइल्स” तैयार की गई थीं, उसी तर्ज पर खरात की फाइल बनाई जा रही है, जिसमें भाजपा से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।पटोले बोले- भोंदू खरात ने हिंदू धर्म की छवि खराब की
सरकार खुद उसकी फाइल तैयार कर रही है एसआईटी गठन की तैयारी चल रही है , सरकार अपने फायदे के लिए और खुद को हिंदू साबित करने के लिए यह खेल खेल रही है।
पटोले के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नया तूफान उठ खड़ा हुआ है। एक तरफ भाजपा हमलावर है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया से लेकर सरकार की नीयत तक पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आने वाले दिनों में यह सियासी जंग और तेज होने के पूरे आसार हैं…
अब सवाल ये-क्या बैलेट बनाम ईवीएम की बहस फिर से देश की राजनीति का केंद्र बनेगी ?
रवि आर्य








