
गोंदिया जिले की तिरोड़ा तहसील स्थित बोदलकसा जलाशय से सोमवार, 12 अक्टूबर की सुबह करीब 7:00 बजे एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। जलाशय के वेस्टवियर के पास अचानक मिट्टी धंसने के चलते डैम आंशिक तौर पर फूट गया, जिससे पानी का बहाव तेजी से नहर की ओर होने लगा। पानी के तेज दबाव के कारण डैम की मिट्टी में धीरे-धीरे कटाव (स्कोरिंग) दर्ज किया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागपुर से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) को तलब किया। दोनों बलों के 60 सुरक्षाकर्मियों का संयुक्त दल तुरंत बोदलकसा जलाशय पहुंच गया और मोर्चा संभाल लिया।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने डाला डेरा
हादसे की सूचना पाते ही गोंदिया के जिलाधिकारी मंदार पत्की, क्षेत्रीय विधायक विजय रहांगडाले, तिरोड़ा के एसडीओ और तहसीलदार, जिला आपदा प्रबंधन विभाग तथा खोज एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए। बांध स्थल पर सभी संबंधित विभागों के बीच आपसी तालमेल बिठाकर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
‘पैनिक न हों नागरिक, स्थिति नियंत्रण में’
जिला प्रशासन ने आमजन से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। अधिकारियों के अनुसार, बोदलकसा जलाशय की कुल जल भंडारण क्षमता 0.55 टीएमसी (TMC) है, इसलिए घबराने या पैनिक होने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
जिस स्थान से रिसाव शुरू हुआ है, वहां का पानी सीधे नहर में जा रहा है और नहर धीरे-धीरे भर रही है। प्रशासन की ओर से पानी के बहाव को नियंत्रित करने और मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए पुख्ता उपाय किए जा रहे हैं। कलेक्ट्रेट गोंदिया ने नागरिकों से सतर्कता बरतने और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सहयोग करने की अपील की है।
रवि आर्य




