
गोंदिया/ भंडारा। महाराष्ट्र विधान परिषद (स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र) की 17 सीटों के लिए आज यानी सोमवार, 1 जून को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। इस सियासी दंगल में महायुति को सीधी टक्कर देने के लिए महा विकास आघाड़ी (MVA) ने पूरी तरह कमर कस ली है और एकजुट होकर चुनाव लड़ने का महा-फैसला किया है।
8-6-3 का फॉर्मूला: MVA में सीटों का बंटवारा लॉक
महा विकास आघाड़ी के बीच हुए गठबंधन के तहत सीटों का गणित पूरी तरह साफ हो चुका है। इस फॉर्मूले के तहत कांग्रेस 8 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।शिवसेना (उद्धव गुट) 6 सीटों पर ताल ठोकेंगी तथा NCP (शरद पवार गुट): 3 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। हालांकि 17 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों को लेकर MVA के शीर्ष नेतृत्व द्वारा जबरदस्त गोपनीयता बरती जा रही है और गोंदिया भंडारा सीट को लेकर भी अंतिम मुहर लगाने से पहले पत्तों को छुपा कर रखा गया है।
नाना पटोले की ‘सीक्रेट’ रणनीति, प्रफुल्ल अग्रवाल की निर्दलीय एंट्री!
गोंदिया-भंडारा सीट महा विकास आघाड़ी के तहत कांग्रेस के खाते में गई है । भले ही आधिकारिक नाम पर गोपनीयता हो, लेकिन इस रेस में प्रफुल्ल अग्रवाल का नाम सबसे आगे चल रहा है।
प्रफुल्ल अग्रवाल, पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल के सुपुत्र हैं।स्थानीय स्तर पर महाविकास आघाड़ी के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के साथ मिलकर इस सीट पर एक बेहद खास और ‘गुप्त’ रणनीति तैयार की गई है। इसी रणनीति के तहत प्रफुल्ल अग्रवाल आज अपने भारी-भरकम कार्यकर्ताओं के हुजूम के साथ भंडारा पहुंचे हैं और महा विकास आघाड़ी के समर्थन से बतौर “निर्दलीय” उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर रहे हैं।
संख्या बल बनाम ‘क्रॉस वोटिंग’ का खेल!
चूंकि यह चुनाव स्थानीय स्वराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों (पार्षद, जिला परिषद सदस्य, नगर पंचायत सदस्य आदि) के मतों के जरिए बैलेट पेपर पर होना है, इसलिए समीकरण बेहद दिलचस्प हैं।
कागजी संख्या बल में भले ही महायुति BJP के पास आधे से अधिक वोट दिखाई दे रहे हों और चुनाव उनके पक्ष में झुकता दिख रहा हो… लेकिन कांग्रेस नेतृत्व इस सीट पर “क्रॉस वोटिंग” और बड़े राजनीतिक उलटफेर के दम पर जीत का पुरजोर दावा कर रही है।
इतिहास गवाह है कि यह चुनाव हमेशा से ‘पैसा फेंक-तमाशा देख’, धनबल और हॉर्स ट्रेडिंग (पार्षदों की खरीद-फरोख्त) का रहा है, इसलिए इस चुनावी राजनीति में सभी धनासेठ उम्मीदवार अपना भाग्य आजमाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
अविनाश ब्राह्मणकर जीते तो मिल सकता है “मंत्री पद!”
दूसरी तरफ, महायुति गठबंधन की ओर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रविवार रात को ही अविनाश ब्राह्मणकर को गोंदिया-भंडारा विधान परिषद सीट के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर तहलका मचा दिया है।
बता दें कि भाजपा ने 2024 के विधानसभा चुनाव में भंडारा जिले के साकोली विधानसभा क्षेत्र से दिग्गज कांग्रेस नेता और तब के प्रदेश अध्यक्ष रहे नाना पटोले के खिलाफ अविनाश ब्राह्मणकर को ही चुनाव मैदान में उतारा था। उस कांटे के मुकाबले में अविनाश ब्राह्मणकर EVM (मत मशीनों) की वोटों की गिनती में तो जीत गए थे, लेकिन जब बैलेट पेपर की काउंटिंग हुई, तो महज़ 208 वोटों के बेहद बारीक अंतर से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
अब सियासी गलियारों में यह चर्चा बेहद गर्म है कि साकोली की हार का बदला लेने का BJP के पास मौका हैं , अगर इस बार अविनाश ब्राह्मणकर यह चुनाव जीत जाते हैं, तो उन्हें इनाम के तौर पर “मंत्री पद” से नवाजा जा सकता है!
अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि बैलेट पेपर के इस चुनाव में जीत महा विकास आघाडी को नसीब होती है या बाजी महायुति मार जाएगी।
रवि आर्य









