Published On : Wed, Jun 3rd, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

गोंदिया-भंडारा MLC चुनाव: सियासत में ‘शिमला’ ट्विस्ट , बाकी बचे वोटर भी होंगे ‘अंडरग्राउंड’ !

बैलट पेपर का खौफ, 'होटल पॉलिटिक्स' ऑन! क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए शिमला में कांग्रेस पार्षदों की 'बाड़ेबंदी'

गोंदिया/भंडारा: सियासत के मैदान से इस वक्त की सबसे बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आ रही है। गोंदिया-भंडारा विधान परिषद (MLC) चुनाव आगामी 18 जून को बैलट पेपर पर (गुप्त मतदान प्रक्रिया से) संपन्न होने जा रहा है , बस इसी ‘गुप्त मतदान’ के खौफ ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। महायुति और महा विकास आघाड़ी (MVA) अपने वोटरों को सुरक्षित रखने के लिए अब “होटल पॉलिटिक्स” और “रिसॉर्ट पॉलिटिक्स” के खेल में पूरी तरह उतर चुकी हैं।​क्रॉस वोटिंग, दलबदल या पार्षदों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) को रोकने के लिए नगरसेवकों को रिजॉर्ट में छुपा कर रखना अब इस चुनावी रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा बनता जा रहा है।

10,000 का कमरा और शिमला की ठंडी वादियां!
गोंदिया-भंडारा विधान परिषद चुनाव को लेकर वोटों के बिखराव और बंटवारे से बचने के लिए एमवीए गठबंधन (कांग्रेस) द्वारा अपने नगरसेवकों को सीधे शिमला भेजकर वहां के आलीशान होटलों में ठहराया जा रहा है , जानकारी के मुताबिक, इन लग्जरी होटलों का किराया फिलहाल 7,000 से 10,000 प्रति दिन के बीच है।

Gold Rate
June 03- 2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 155,800 /-
Gold 22 KT ₹ 1,44,500 /-
Silver/Kg ₹ 2,62,400/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

बताया जाता है कि एमवीए गठबंधन के 156 नगरसेवकों में से आधे से अधिक नगरसेवक गोंदिया-भंडारा जिला छोड़कर शिमला की ओर कूच कर चुके हैं। नामांकन वापसी का कल यानी 4 जून को आखिरी दिन है, जिसके ठीक बाद बाकी के नगरसेवक भी गोंदिया-भंडारा जिले से शिमला सहित कुछ अन्य तय पर्यटन स्थलों की ओर रवाना हो जाएंगे।

किसके पास कितने वोटर्स? समझिए पूरा सियासी गणित

भंडारा-गोंदिया विधान परिषद चुनाव के इस महा-सियासी दंगल को जीतने के लिए महाविकास आघाड़ी (MVA) और महायुति गठबंधन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चूंकि यह चुनाव स्थानीय स्वराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों (पार्षद, जिला परिषद सदस्य, नगर पंचायत सदस्य आदि) के मतों के जरिए वैलेट पेपर पर होना है, इसलिए चुनावी समीकरण बेहद दिलचस्प हो चला है। एमएलसी चुनाव में हिस्सा लेने वाले कुल वोटर्स की संख्या 457 है इनमें 134 राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत गुट) के नगरसेवक हैं जो गठबंधन का धर्म निभाते हुए भाजपा के साथ है , शिवसेना ( शिंदे गुट) के नगरसेवकों की संख्या 14 है यह भी महायुति गठबंधन में बीजेपी के साथ है तथा शेष नगर सेवक बीजेपी के हैं जो कुल वोटरों में आधे से अधिक है , कुल मिलाकर कागजों पर बीजेपी बेहद मजबूत है।

महायुति के चक्रव्यूह में कांग्रेस का ‘क्रॉस वोटिंग’ दांव!

महायुति के इस मजबूत चक्रव्यूह को भेदने के लिए एमवीए गठबंधन की ओर से कांग्रेस समर्थित (बतौर निर्दलीय) प्रफुल्ल अग्रवाल ने अपना नामांकन दाखिल किया है। यहां कांग्रेस पूरी तरह से ‘क्रॉस वोटिंग’ के भरोसे बैठी है। चूंकि यह सीट MVA गठबंधन के तहत कांग्रेस के खाते में गई है, नतीजतन कांग्रेस ने बैकअप के तौर पर दो अन्य नामांकन भी दाखिल किए हुए हैं, ताकि बीजेपी की निर्विरोध जीत के रास्ते को हर हाल में रोका जा सके।

फुके-पटेल VS नाना पटोले… किसकी होगी नाक ऊंची ?

यह चुनाव सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के दिग्गज नेताओं की साख का सवाल बन चुका है।महायुति गठबंधन के तहत यह सीट बीजेपी के खाते में गई है और उन्होंने अविनाश ब्राह्मणकर को गोंदिया-भंडारा विधान परिषद सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है , यह चुनाव राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बेहद खासमखास, पूर्व मंत्री तथा मौजूदा विधायक डॉ. परिणय फुके की प्रतिष्ठा का सबसे बड़ा प्रश्न बन चुका है।

वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा सांसद व एनसीपी दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल के लिए भी यह चुनाव सीधे ‘नाक की लड़ाई’ है।
इन दोनों दिग्गजों के सामने पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले की चाणक्य नीति और रणनीति खड़ी है।

अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि बैलट पेपर पर होने वाले इस गुप्त मतदान के महायुद्ध में ऊंट किस करवट बैठता है और 18 जून से पहले इस ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ के खेल में और क्या-क्या सनसनीखेज मोड़ आते हैं! फिलहाल तो नेताओं की रात की नींद उड़ी हुई है और पार्षदों के मजे शिमला की वादियों में जारी हैं।

रवि आर्य

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