अपने ही विभाग के कर्मचारी से 7000 की घूस लेते एसीबी ने दबोचा
गोंदिया: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। अपने ही विभाग के एक कर्मचारी कक्ष सेवक की पुलिस वेरीफिकेशन फाइल को दबाने के नाम पर उससे 10 हजार रिश्वत की डिमांड कर दी । सौदा मोल भाव पश्चात 7 हजार में तय हुआ, शिकायत की जांच पड़ताल के बाद आज शुक्रवार 28 फरवरी को जिला केटीएस अस्पताल स्थित अपने दफ्तर में सहायक अधीक्षक इसे शिकायतकर्ता कक्ष सेवक से 7 हजार की रिश्वत पंच -गवाहों के समक्ष लेते एसीबी ने दबोचा।
एसीबी सूत्रों से प्राप्त जानकारीनुसार शिकायतकर्ता यह जिला शासकीय केटीएस अस्पताल में 8 मार्च 2019 से कक्षसेवक पद पर कार्यरित है। शिकायतकर्ता के विरूद्ध थाने में अपराध दर्ज होने से पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद केटीएस अस्पताल के सहायक अधीक्षक देवानंद वासनिक इन्होंने 14 जनवरी को शिकायतकर्ता इसे अपने कक्ष में बुलाया और कहा- पुलिस स्टेशन कमलेश्वर से पुलिस सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिसके मुताबिक तुम्हारे खिलाफ वर्ष 2017 में जुआ का केस दर्ज है। उक्त पुलिस वेरीफिकेशन की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने पर तुम्हारी नोकरी (सेवा) तत्काल रद्द हो जाएगी, लिहाजा उक्त रिपोर्ट मैं दबा दूंगा और वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में नहीं आ पाएगी इसके लिए तुम्हें मुझे 10 हजार रूपये देने होंगे एैसी मांग सहायक अधीक्षक वासनिक ने शिकायतकर्ता से कर दी।
फिर्यादी कक्षसेवक यह रिश्वत की रकम देने का इच्छुक नहीं था लिहाजा उसने 16 जनवरी को भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग गोंदिया दफ्तर पहुंच अपनी शिकायत दर्ज करा दी।
16 जनवरी को एसीबी अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की गई इस दौरान सहायक अधीक्षक वासनिक ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रिश्वत की मांग करने के बाद मोलभाव पश्चात 7 हजार रूपये की रकम स्वीकारने की हामी भरी। इसी के तहत आज शुक्रवार 28 फरवरी को जिला केटीएस अस्पताल में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग टीम ने जाल बिछाया और सफल कार्रवाई को अंजाम देकर सहायक अधीक्षक देवानंद वासनिक (51) इसे पुलिस सत्यापन रिपोर्ट दबाने हेतु शिकायतकर्ता से 7 हजार रूपये रिश्वत की रकम स्वीकार करते हेतु पंच गवाहों के समक्ष धरदबोचा गया। इसके पूर्व भी 2-3 बार उक्त जिला केटीएस अस्पताल में इसी तरह की कार्रवाई हुई है , इस बार की कार्रवाई में बड़ी मछली के हाथ लग जाने की चर्चा दिनभर बनी रही।
अब जिला केटीएस अस्पताल के घूसखोर सहायक अधीक्षक के खिलाफ गोंदिया शहर थाने में धारा 7 भ्रष्टाचार प्रतिबंधक अधिनियम 1988 (सुधारित अधिनिमय 2018) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
उक्त कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्रीमती रश्मी नांदेडकर, अप्पर अधीक्षक राजेश दुद्दलवार (नागपुर एसीबी) के मार्गदर्शन में पुलिस उपअधीक्षक रमाकांत कोकाटे, पुलिस निरीक्षक शशिकांत पाटिल, सउपनि शिवशंकर तुंबड़े, विजय खोब्रागड़े, पो.ह. प्रदीप तुलसकर, ना.पोसि रंजित बिसेन, दिंगबर जाधव, नितिन रहांगडाले, राजेंद्र बिसेन, मनापोसि वंदना बिसेन, गीता खोब्रागड़े, चालक नासोपि देवानंद मारबते आदि ने की।
रवि आर्य
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