Published On : Wed, May 12th, 2021

गोंदिया: भूमिगत विद्युत लाइन प्रकल्प को मिली मंजूरी , शीघ्र होगा काम शुरू

गोंदिया: खंभों की लाइनों को हटाकर उनके स्थान पर भूमिगत केबल बिछाकर विद्युत शक्ति को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने का कार्य अब गोंदिया शहर में शीघ्र शुरू होगा ।

भूमिगत केबल धरती के अंदर छिपे होते हैं अतः सौंदर्यीकरण की दृष्टि से भी यह उत्तम है , क्योंकि जमीन के काफी गहराई पर लाइन डालने से बिजली चोरी के समस्या पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।

इतना ही नहीं शहर में भूमिगत विद्युत केबिन बिछाने के बाद अधिकतर ट्रांसफार्मर और विद्युत खंभों को हटा दिया जाएगा , शहर के विद्युत लाइनों से तार का जाल कम होने से मुख्य मार्गों का सौंदर्यीकरण हो सकेगा।

भूमिगत कनेक्शन चालू होने से मौसम बिगड़ने पर विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायतों में काफी कमी आएगी इससे बिजली गुल की समस्या से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।


उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र राज्य के प्रमुख शहरों में भूमिगत केबल लाइन बिछाने का निर्णय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से 6 वर्ष पूर्व लिया गया था तथा योजना के क्रियान्वयन हेतु पूर्व विदर्भ के गोंदिया-भंडारा व नागपुर इन 3 ज़िलों को समाविष्ट करते हुए एक बड़ी राशि को मंजूरी प्रदान की गई थी लेकिन कुछ तकनीकी कारणों के चलते इस योजना के शुरू होने का रास्ता साफ होता नजर नहीं आ रहा था।

पूर्व विदर्भ के गोंदिया भंडारा और नागपुर इन 3 जिलों के भूमिगत विद्युत प्रकल्प के प्रस्ताव को वर्ष 2020- 21 के बजट अधिवेशन में पेश किया गया तब से उक्त काम के लिए प्रशासनिक स्वीकृति और निधि वितरण का मामला सरकार के समक्ष विचाराधीन था।

इस मसले को लेकर सांसद प्रफुल पटेल लगातार उपमुख्यमंत्री अजीतदादा पवार से संपर्क में थे और आखिरकार राज्य सरकार के उर्जा व कामगार मंत्रालय ने गोंदिया शहर हेतु 142 करोड़ 75 लाख की लागत से भूमिगत बिजली लाईन परियोजना के अहवाल को प्रशासकीय मान्यता प्रदान कर दी है, जिससे अब शीघ्र ही इस परियोजना का काम शुरू हो जाएगा।

गौरतलब है कि, गोंदिया शहर की बिजली लाईनों को भूमिगत लाइनों में परिवर्तित करने के साथ ही सब स्टेशनों की संख्या बढ़ाने, नए उच्च दाब उपकेंद्र स्थापित करने, नए वितरण सब स्टेशनों की स्थापना तथा वितरण उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने आदि कामों के लिए महावितरण कम्पनी ने 142.75 करोड़ की निधि उपलब्ध कराने का निवेदन किया था।

यह मामला वर्ष 2020-21 के बजट में प्रस्तावित किया गया था। आखिरकार अब राज्य के विद्युत मंत्रालय ने गोंदिया शहर की भूमिगत बिजली परियोजना के लिए 142.75 करोड़ रूपये के लागत की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

इस प्रायोजन के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 हेतु बिजली वितरण कम्पनी को 25 करोड़ रूपये की निधि उपलब्ध करायी गयी है तथा उक्त निधि खर्च करने के निर्देश भी दे दिए गए है।

सांसद प्रफुल पटेल के लगातार प्रयासों से अब गोंदिया शहर में भूमिगत बिजली परियोजना का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।

रवि आर्य