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    Published On : Wed, May 12th, 2021
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    इस कठिन दौर में एम‌एस‌ईडीसीएल ग्राहकों को दें राहत-दीपेन अग्रवाल

    कैमिट अध्यक्ष दीपेन अग्रवाल का ऊर्जा मंत्री राऊत से अनुरोध

    नागपुर – चेंबर ऑफ एसोसिएशंस ऑफ़ महाराष्ट्र इंडस्ट्री एंड ट्रेड (कैमिट) के अध्यक्ष दीपेन अग्रवाल ने महाराष्ट्र के ऊर्जा एवं बिजली मंत्री डॉ नितिन राऊत से मिलकर आम बिजली उपभोक्ताओं के साथ विशेष तौर पर एसएमई और व्यापारियों के सामने आने वाली कठिनाईयों से उन्हें अवगत कराया.

    अग्रवाल ने व्यापारिक समुदाय की ओर से राज्य में कोविड -19 वायरस की दूसरी लहर को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा समय पर उठाए गए कदमों के लिए स्वागत करते हुए डॉ राऊत को बधाई दी. अग्रवाल ने बताया कि सभी के साथ बातचीत के बाद कैमिट ने यह पाया कि एस‌एम‌ई और छोटे सीमांत व्यापारी बिजली वितरण कंपनियों के कारण कठिनाई का सामना कर रहे हैं.

    समय-समय पर जारी किए गए ब्रेक द चेन ऑर्डर के तहत काम करने की अनुमति देने वाले सेक्टरों को छोड़कर, व्यापारी समुदाय ने सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने कारोबार पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव का विचार किए बिना अपने संचालन को प्रतिबंधित कर दिया है। उन्होंने करीब दो महीने से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे हैं. संकट के इस समय के दौरान डीआईएससीओएम कंपनी औसत आधार पर बिजली बिल बढ़ा रही है; बिजली के बिल बंद शटर के नीचे से बांटे जा रहे हैं और वैधानिक चेतावनी भी दी जा रही है कि नियत तारीख के भीतर भुगतान न किया गया तो ब्याज, जुर्माना भरने के साथ कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी.

    अग्रवाल ने आगे कहा कि एसएमई सेक्टर और छोटे सीमांत व्यापारी संकट में हैं. वे कोविड -19 की दूसरी लहर की तीव्रता को रोकने में प्रशासन की सहायता के लिए अपने प्रतिष्ठान को बंद रखने के लिए बाध्य हैं. एक तरफ गैर-भुगतान के लिए उन्हें डीआईएससीओएम कंपनी द्वारा ब्याज, दंड और कनेक्शन काट देने की चेतावनी दी जाती है. दूसरी ओर उन्हें स्थानीय अधिकारियों द्वारा महामारी के बने रहने तक अपनी दुकानों को बंद करने और न करने पर दंडित करने की सजा दी जाती है.

    दीपेन अग्रवाल ने डॉ राऊत से डीआईएससीओएम कंपनियों को निर्देशित करने का अनुरोध किया कि उपभोग की गई वास्तविक यूनिट्स के बिना बढाए बिजली बिल ; लॉकडाउन अवधि के लिए उद्योगों के लिए निश्चित प्रभार (डिमांड चार्ज)माफ; ऊर्जा शुल्क के विलंबित भुगतान के लिए ब्याज और जुर्माना माफ करना; किस्तों में ऊर्जा बिलों के भुगतान की अनुमति दें, और लॉकडाउन अवधि के दौरान भुगतान न करने या विलंबित भुगतान के लिए किसी भी उपभोक्ता का अस्थायी या स्थायी रुप से कनेक्शन नहीं कटना चाहिए.

    अग्रवाल ने धैर्य के साथ समस्याओं को सुनने तथा व्यापार, उद्योग और छोटे व्यवसायों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने के आश्वासन के लिए डॉ नितिन राऊत के प्रति आभार व्यक्त किया. कैमिट के उपाध्यक्ष संजय के अग्रवाल द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति मेंं यह जानकारी दी गई.

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