Published On : Mon, Jul 22nd, 2019

२ सितम्बर से गणेश चतुर्थी

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मिट्टी की गणेश मूर्तियां बनाने का काम शुरू हो गया

नागपुर : नागपुर में 10 दिवसीय गणेशोत्सव 2 सितंबर से प्रारंभ होगा. गणेशोत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी 2 सितंबर से अनंत चतुदर्शी 12 सितंबर तक मनाया जाएगा. चितार ओली में गणेशोत्सव के मद्देनजर मिट्टी की गणेश मूर्तियां बनाने का काम शुरू हो गया है. मूर्तिकार गणेश प्रतिमाओं को आकार देने में लगे हुए हैं. मूर्तिकार राजेश चौरिया ने बताया कि उनके यहां 1 से साढ़े तीन फीट ऊंची छोटी मूर्तियां ही बनाई जाती हैं. उन्होंने बताया कि मिट्टी की मूर्तियां बनाने के लिए मिट्टी भंडारा के समीप आंधलगांव से मंगाना पड़ता है. इसका रेट मिनी ट्रक 7 से 8 हजार रु. व बड़ा ट्रक 10 हजार रु. है. ट्राली का रेट 6 से 7 हजार रु. है.

Gold Rate
Sept 12,2026 - Time 10.30Hrs
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Silver/Kg ₹ 2,31,200/-
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Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

इस बार भी मिट्टी के साथ ही मूर्ति सजावट की सामग्री के दाम बढ़ने से गणेश मूर्तियों के दाम में गत वर्ष की तुलना में 10 से 25 प्र.श. वृद्धि हो सकती है. कारीगरों को मजदूरी के रूप में प्रतिदिन 400 से 600 रु. रोज देने पड़ते हैं. तनस, लकड़ी आदि के दाम भी बढ़ गए हैं. स्थानीय मूर्तिकार के यहां घरेलू छोटी मूर्तियां के साथ ही सार्वजनिक मंडलों को लगने वाली बड़ी गणेश मूर्तियां भी बनाई जाती हैं. सभी के दाम बढ़ने से इस बार मूर्तियां 10 से 20 प्र.श. महंगी होंगी. सार्वजनिक मंडलों की उनके यहां बड़ी मांग रहती हैं. 2 फीट ऊंची मूर्ति की कीमत करीब 6,000 रु. रहेगी. उन्होंने बताया कि गणेशोत्सव के पूर्व 3 माह से गणेश मूर्तियां बनाना शुरू किया गया जाता है. गणेशोत्सव के बाद नवरात्रि के लिए दुर्गा मूर्तियों के भी आर्डर रहते हैं लेकिन गणेशोत्सव की तुलना में आर्डर कम रहते हैं.

कुछ स्थानीय मूर्तिकार के यहां सार्वजनिक मंडलों को लगने वाली बड़ी गणेश मूर्तियां ही बनती हैं. 3 से लेकर 11 फीट ऊंची मिट्टी की मूर्तियां उनके यहां बनाई जाती हैं. आंधलगांव की मिट्टी का उपयोग मूर्तियां बनाने में किया जाता है.इनमें से कुछ ओड़िसा में प्रतिवर्ष मूर्ति भेजी जाती हैं. कारीगरों की मजदूरी, अन्य सामग्री के रेट बढ़ने से मूर्तियां इस बार 25 प्र.श. महंगी होंगी. कुछ सार्वजनिक गणेश मंडलों द्वारा मूर्ति बनाने के पूर्व विधिवत पंडित की उपस्थिति में पाट पूजन किया जाता है.

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उल्लेखनीय यह हैं कि 2 सितंबर को घर-घर तथा सार्वजनिक मंडलों में विघ्नहर्ता विराजेंगे. गणेशोत्सव के दौरान अनंत चतुर्दशी तक गणेशजी के जयघोष गूंजेंगे. अनंत चतुर्दशी व अनंत पूर्णिमा को गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होगा. सार्वजनिक गणेश मंडलों द्वारा गणेशोत्सव में विभिन्न दृश्यों को साकार किया जाएगा. उसी प्रकार गणेश मंदिरों में भी 10 दिवसीय गणेशोत्सव में विभिन्न आयोजन होंगे. 10 दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम की धूम रहेगी. सभी ओर गणेशजी की गूंज रहेगी. टेकड़ी गणेश मंदिर सीताबर्डी, महल के सिद्धिविनायक मंदिर, चिंताहरण गणेश मंदिर जरीपटका, महल स्थित भुरे गणेश मंदिर, गांधीसागर स्थित गणेश मंदिर सहित अन्य मंदिरों में 10 दिनों तक धार्मिक कार्यकमों की धूम रहेगी.

आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र इस दफे पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा मूर्तियों की स्थापना के साथ ज्यादा धूमधाम से मनाया जाएगा।संभावित उम्मीदवारों को चुनाव को ध्यान में रखते हुए कुछ ज्यादा ही जेब ढीली करनी पड़ेंगी।पिछले कुछ वर्षो से शहर के २ दिग्गज नेता सैकड़ों आयोजकों को आयोजन का खर्च भी देने की प्रथा शुरू की.निसंदेह जिसका असर आगामी चुनावों पर पड़ता दिखेंगा।

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