Published On : Sun, Sep 10th, 2017

इंटरनेट सुविधा के बिना चल रहा विद्यार्थी सुविधा केंद्र का कामकाज

Internet Facility

Representational Pic


नागपुर:
विद्यार्थियों को परेशानी न हो और उन्हें शिक्षा से जुड़े छोटे कामों के लिए परीक्षा भवन के चक्कर न लगाने पड़े इस उद्देश्य से परीक्षा भवन में विद्यार्थी सुविधा केंद्र (स्टूडेंट फैसिलिटेशन सेंटर ) की शुरुआत की गई थी. इसे शुरू हुए डेढ़ महीने से ज्यादा हो चुका है, लेकिन केंद्र में इंटरनेट कनेक्शन नहीं होने की वजह से सभी विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन केवल रेजिस्टर में ही किया जा रहा है. किसी भी विद्यार्थी की समस्या का अब तक समाधान नहीं हो सका है. जिस सरगर्मी से इस योजना की शुरुआत की गयी थी, उस योजना में ग्रहण लगता हुआ नजर आ रहा है.

इस विद्यार्थी सुविधा केंद्र के शुरू होने से विद्यार्थियों को उम्मीद थी कि उनका पुर्नमूल्यांकन से जुड़ा कार्य हो, डिग्री के नाम में गलती हो या फिर कोई भी शिक्षा से सम्बंधित कार्य, सभी यहां तय समय -सीमा पर किए जाएंगे. लेकिन बिना इंटरनेट विद्यार्थियों की संख्या का सटीक आकलन और जानकारी अधिकारियों के पास नहीं. सुविधा केंद्र में लगे 8 कम्पूटरों में से किसी में भी इंटरनेट कनेक्शन नहीं है. प्रोमार्क कंपनी द्वारा यह सुविधा केंद्र बनाया गया था. इस कंपनी की काफी तारीफ़ भी नागपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने की थी. विद्यार्थियों के उनके काम के लिए टोकन पद्धति की शुरुवात भी की गई थी. लेकिन इसकी भी जानकारी परीक्षा भवन के पास नहीं है.

विद्यार्थियों के विभिन्न कार्य जैसे लेट रिजल्ट, पुर्नमूल्यांकन विषयक जानकारी के सभी काम, वेटिंग की जानकारी, डिग्री में नामों की दुरुस्ती के साथ ही आचार्य डिग्री से जुड़े ऑनलाइन स्टेटस सभी काम एक स्थान पर होंगे. इस तरह का आश्वासन भी नागपुर विश्वविद्यालय के कुलगुरु द्वारा दिया गया था. ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि परीक्षा भवन में बैठे बाबूगिरी को रोकने और विद्यार्थियों के काम सरल होने में इस सुविधा केंद्र की काफी मदद होगी. लेकिन अब विद्यार्थियों को यह सभी बेबुनियादी लग रहा है. कितने विद्यार्थियों का अब तक इस सुविधा केंद्र के माध्यम से काम हुआ है यह विभाग नियंत्रक नहीं बता पाए.

इस बारे में विभाग नियंत्रक डॉ. नीरज ख़टी ने बताया कि विद्यार्थी सुविधा केंद्र में अब तक कंप्यूटर में इंटरनेट शुरू नहीं हो सका है. केंद्र में रखे 8 कम्पुयटर में जैसे ही इंटरनेट शुरू होगा, सभी का डाटा ऑनलाइन हो जाएगा. उन्होंने बताया कि अब तक कुल 500 से 1000 विद्यार्थियों ने इस सुविधा केंद्र में भेट दी है. रोजाना 40 से 50 विद्यार्थी यहां रोज आते हैं. सभी विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन फिलहाल रजिस्टर में किया जा रहा है.