Published On : Wed, Jul 17th, 2019

ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने पर अब होगा भारी जुर्माना

केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कल लोकसभा में मोटर व्हीकल संशोधन बिल पेश किया

नागपुर- पिछले कुछ सालों में भारत में सड़क दुर्घटनाओं में काफी ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है, जिसे देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कल लोकसभा में मोटर वाहन संशोधन बिल को पेश किया. बता दें कि इस बिल को 18 राज्यों के परिवहन मंत्रियों ने मिलकर तैयार किया है. ये बिल पिछली लोकसभा में पारित हो गया था, लेकिन तब राज्यसभा में लटक गया था.

नितिन गडकरी ने लोकसभा में जो बिल पेश किया है, उसमें यातायात से जुड़े नियनों को काफी सख्त कर दिया गया है. अगर इस बिल के प्रस्ताव को इसी तरह से स्वीकार कर लिया जाता है, तो नियमों का उल्लंघन करने पर आर्थिक रूप से अच्छी खासी चपत लग सकती है.

सीटबेल्ट या हेलमेट नहीं पहनने पर जुर्माना 100 रुपये से बढ़कर वर्तमान में 1,000 रुपये हो जाएगा. ओवर-स्पीडिंग के लिए जुर्माना मौजूदा 500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये किया जाएगा. शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया जाएगा. आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता नहीं देने पर 10,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

देश में कुल ड्राइविंग लाइसेंस में से 30 फीसदी को फर्जी बताया है.संशोधन में यह भी कहा गया है कि ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण के लिए आवेदन करने के लिए आधार संख्या का उपयोग अनिवार्य होगा. वर्तमान में, ड्राइविंग लाइसेंस 20 साल के लिए वैध है और बिल का उद्देश्य वैधता को 10 साल तक कम करना है. 55 साल की उम्र के बाद अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने वाले लोगों की वैधता केवल पांच साल होगी. लाइसेंस की वेलिडिटि खत्म होने के बाद एक साल तक रिन्यू किया जा सकता है. भारत की राज्य सरकारें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के आधार पर एग्रीगेटर्स को लाइसेंस प्रदान करेंगी.

एग्रीगेटर्स को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 का अनुपालन करना भी आवश्यक होगा. सड़क हादसे में मारे गए लोगों की मुआवजा राशि 5 लाख और गंभीर रूप से घायलों की 2.5 लाख की गई है. सड़क के गड्ढों और उनके रखरखाव की चूक से होने वाली दुर्घटना के लिए ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी. अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है तो गाड़ी मालिक या उसके परेंट को दोषी माना जाएगा. इसके लिए 25,000 का जुर्माना या 3 साल की सजा का प्रावधान है. इसके साथ ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है