Published On : Mon, Jul 20th, 2020

पहली VC फंसी, सभापति ने जताई नाराजगी

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कोरोना को लेकर राज्य सरकार का GR क्या सिर्फ मनपा पदाधिकारियों के लिए हैं ?

नागपुर – कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने राज्य सरकार अंतर्गत सभी महानगरपालिकाओं और नगर पालिकाओं की सभी बैठकें और सभाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के मार्फत लेने का निर्देश जारी किया। इसके तहत मनपा प्रशासन पदाधिकारियों को बाध्य भी कर रही तो दूसरी ओर गृहमंत्री,पालकमंत्री और मनापायुक्त की बैठकों में GR के विपरित उपस्थिति पर स्थाई समिति सभापति पिंटू झलके ने सवाल खड़ा किया,क्या इन्हें GR से मुक्त रखा गया हैं ?

आज सोमवार को नागपुर मनपा की स्थायी समिति की बैठक थी। बैठक उपरांत स्थाई समिति सभापति पिंटू झलके ने बताया कि यह बैठक VC के मार्फत लेने का निर्देश दिया गया था। VC द्वारा बैठक की आड़ में कई जिम्मेदार अधिकारी नदारत थे।वैसे नियमानुसार मनापायुक्त ने उपस्थित रहना चाहिए था लेकिन वे अनुपस्थित रहते हैं, अर्थात किसी भी बैठक में नहीं आते। VC के लिए जो तैयारी प्रशासन द्वारा किया जाना था,इ-गवर्नेन्स विभाग उसमें पूर्णतः फेल रहा। किसी का चेहरा बराबर दिख नहीं रहा था तो किसी की आवाज ठीक से साफ-साफ सुनाई नहीं दे रही थी। जबकि नागपुर मनपा को केंद्र सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी प्रकल्प पुरस्कृत किया गया। जिसके तहत सम्पूर्ण शहर और शहर के बाहर मुख्य मार्गों पर CCTV सह WIFI स्थापित की गई। इसके लिए मनपा मुख्यालय के 6वें मंजिल पर CCTV का DISPLAY कक्ष भी सक्रिय हैं।इसके बाद भी मनपा की सभाओं और समितियों की बैठकों के लिए VC की गुणवत्तापूर्ण व्यवस्था न किया जाना,मनपा प्रशासन की लापरवाही कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होंगी।

झलके ने आगे कहा कि एक तो उचित व्यवस्था नहीं ,VC में अधिकारियों की अनुपस्थिति और तो और ये अधिकारी वर्ग अक्सर मनापायुक्त के बैठकों में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करवाते,कोविड-19 के काल में पालकमंत्री,गृहमंत्री आदि की बैठकों में 4-5 दर्जन अधिकारी व सहयोगी बैठे-खड़े दिखते हैं। क्या राज्य सरकार ने मनापायुक्त और उक्त मंत्रियों को GR से मुक्त रखा हैं ?

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झलके ने बैठक में यह भी साफ किया कि अगली बैठक पूर्ण व्यवस्था के साथ ही होंगी। या फिर 16 सदस्य और लगभग दर्जन भर अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने की व्यवस्था मनपा प्रशासन करें। आज की बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। आज की बैठक के लिए एकमात्र विषय रखा गया था। वह यह कि सेवानिवृत्त उप अभियंता चंद्रकांत गभने के कार्यकाल बतौर तकनीकी सलाहकार 7/12/20 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी जाए,जिसे समिति ने नामंजूर कर वापिस विभाग को लौटा दिया।

कारण पूछने पर झलके ने बताया कि जब मनपा की आर्थिक स्थिति जर्जर हैं और सीमेंट सड़क के काम और जिन कामों के कार्यादेश जारी होने के बाद काम रोक दिए गए फिर तकनीकी सलाहकार की जरूरत क्या हैं!

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