Published On : Sat, Nov 12th, 2016

जल्द शुरू होंगी आवारा कुत्तों की जनगणना

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Representational Pic

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नागपुर: नागपुर में आज के पहले कभी आवारा कुत्तों की जनगणना नहीं हुई। समय-समय पर जनता-जनार्दन के विरोधाभास पर मनपा ने आवारा कुत्तो को पकड़ कर शहर के बाहर जरूर छोड़ आए।

विगत दिनों गोवा में आवारा कुत्तों की जनगणना का सफल अभियान चलाया गया। जिससे प्रेरित होकर नागपुर मनपा ने शहर सिमा अंतर्गत आवारा कुत्तों की जनगणना करने का निर्णय लिया। इस संदर्भ में जल्द ही संभवतः शनिवार या अगले सोमवार को टेंडर जारी किया जाएगा। इस टेंडर की शर्तों के अनुसार एनिमल वेलफेयर बोर्ड से मान्यता प्राप्त एनजीओ को नियमो-शर्तो के हिसाब से आवारा कुत्तों की जनगणना हेतु कार्यादेश दिया जायेगा। जनगणना के लिए ऐप की मदद ली जायेगी,ऐप से प्रत्येक आवारा कुत्तों का चित्रीकरण फिर उस कुत्ते का संपूर्ण जानकारी संकलन की जाएँगी।

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सम्बंधित विभाग के अनुसार शहर में एनिमल वेलफेयर बोर्ड के अधिकृत 4-5 एनजीओ है। यह पहली मर्तबा नागपुर मनपा पहल करेंगी। एक बार जनगणना हो जाने के बाद नसबंदी जैसे अन्य उपाययोजना कार्यक्रम करने हेतु मनपा को आसानी होंगी।

उल्लेखनीय यह है कि नागपुर शहर के रहवासी आवारा कुत्तों के वजह से काफी परेशान है,सड़को पर खासकर रात में आवाजाही करने पर कुत्तो के हमले से अनगिनत घटनाएं हुई है। मनपा में जब-जब इस मामले पर कार्रवाई हेतु निवेदन किया गया तो मनपा ने आवारा कुत्तों को पकड़ कर शहर के बाहर छोड़ दिए, लेकिन उन आवारा कुत्तों में से कुछ वापिस लौट आये या फिर आसपास के रहवासी क्षेत्र में हड़कंप मचाने की घटनाएं प्रकाश में आई, इन रहवासी क्षेत्रो के नागरिकों सह जनप्रतिनिधियो ने मनपा प्रशासन को उनके द्वारा की जा रही पहल पर रोकथाम लगाने की चेतावनी तक दिए। वही दूसरी ओर मनपा सिमा अंतर्गत कुत्ते पलने वालो पर मनपा का अंकुश न के बराबर है साथ ही शहर में कई लोग रहवासी क्षेत्र में कुत्तो का व्यवसाय सह ट्रेंनिंग सेण्टर चला रहे है।इन पर भी मनपा का कोई अंकुश नहीं है। इस ओर भी ठोस कदम उठाने की मांग समय-समय पर मोदी फाउंडेशन जैसी सामाजिक संस्था उठाती रही है।

– राजीव रंजन कुशवाहा

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