Published On : Fri, Nov 30th, 2018

क्यों नीरी द्वारा बनाए पटाखे फैक्टरियों में नहीं बनाए जा सकते ?

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neeri

नागपुर: पटाखा उद्योग के एक प्रतिनिधि ने यहां कहा कि राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) द्वारा बनाए कम उत्सर्जन वाले पटाखे फैक्टरियों में बनाए नहीं जा सकते। उद्योग के प्रतिनिधियों और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेस्को) के अधिकारियों ने बुधवार को यहां नीरी के वैज्ञानिकों से मुलाकात की।

उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार, पटाखे त्योहारों पर केवल रात आठ बजे से दस बजे तक ही जलाए जा सकते हैं और प्रकाश, ध्वनि तथा हानिकारक रसायनों के कम उत्सर्जन वाले ‘हरित पटाखों’ की बिक्री को ही अनुमति दी गई थी।

तमिलनाडु फायरवर्क्स एंड एमोर्सिस मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव के. मरियाप्पन ने कहा कि नीरी ने जो तीन तरह के हरित पटाखे बनाए है उन्हें किसी फैक्टरी में बनाना संभव नहीं है।

उन्होंने बताया कि नीरी ने श्वास, सफल और स्टार नाम के तीन तरह के पटाखे बनाए थे। अभी तक पटाखा उद्योग से कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया और इन उत्पादों को मंजूरी के लिए पेस्को के पास नहीं भेजा गया जो कि अनिवार्य है।

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नीरी के अधिकारियों से अभी इस पर टिप्पणी प्राप्त नहीं हो सकी है।

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