नागपुर टुडे | नागपुर : खेत की जमीन और मेड़ को लेकर शुरू हुआ विवाद हत्या तक पहुंच गया था। करीब पांच वर्ष पुराने इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पी.जे. मोडक ने काटोल के पारडसिंगा निवासी गोपाल मधुकरराव गाढवे (35) को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (भाग-2) के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने आरोपी को 2021 से अब तक भुगती गई हिरासत की अवधि के बराबर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को छह माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
खेत की मेड़ बनी विवाद की वजह
घटना 17 जुलाई 2021 को काटोल थाना क्षेत्र के एरंडा परिसर में हुई थी। खेत की जमीन और मेड़ को लेकर अशोक बाबूराव गाढवे (40) और गोपाल गाढवे के बीच विवाद हुआ था।
विवाद बढ़ने पर गोपाल ने कथित तौर पर अशोक के सिर पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद अशोक को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक के 18 वर्षीय बेटे हर्षल अशोक गाढवे ने काटोल थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
साक्ष्यों के आधार पर दाखिल हुआ आरोपपत्र
मामले की जांच तत्कालीन पुलिस उपनिरीक्षक आकाश राठी ने की। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच पूरी कर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और दलीलों पर विचार किया। इसके बाद गोपाल गाढवे को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (भाग-2) के तहत दोषी करार दिया गया।
अदालत ने आरोपी द्वारा पहले से भुगती गई हिरासत की अवधि को ही कारावास की सजा माना।
अभियोजन की प्रभावी पैरवी
सरकार की ओर से सहायक सरकारी अभियोजक आशावरी परसोडकर ने मामले की पैरवी की।
दोषसिद्धि में काटोल उपविभागीय पुलिस अधिकारी पराग पोटे, प्रभारी पुलिस निरीक्षक रणजीत शिरसाठ, दोषसिद्धि कक्ष नागपुर ग्रामीण के पुलिस निरीक्षक विशाल गिरी, सहायक पुलिस निरीक्षक विशांत नांदगाये और पुलिस हवलदार मनोज तिवारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
न्यायालयीन कार्य में काटोल थाने के पुलिस हवलदार बाबा नेवारे ने सहयोग किया।




