Published On : Tue, Jun 5th, 2018

लिंग परिवर्तन कराने वाली महिला पुलिसकर्मी को भी मिलेंगे पुलिस सहकर्मियों की तरह लाभ

Advertisement

मुंबई: सर्जरी के जरिए लिंग परिवर्तन कराने वाली बीड जिले की कांस्टेबल ललिता साल्वे (29) को ड्यूटी पर लौटने पर वही लाभ दिए जाएंगे, जो एक पुरूष पुलिसकर्मी को मिलते हैं. हालांकि लिंग परिवर्तन ऑपरेशन का खर्च कांस्टेबल को ही उठाना होगा.

ललिता ने मुंबई के सरकारी सेंट जॉर्ज अस्पताल में प्रथम चरण की लिंग परिवर्तन सर्जरी 25 मई को कराई थी. चिकित्सकों ने बताया कि सर्जरी का दूसरा चरण छह माह बाद होगा.

Advertisement
Advertisement

बीड के पुलिस अधीक्षक जी श्रीधर ने बताया कि ललिता को (ड्यूटी पर लौटने के बाद) पुरूष कांस्टेबल माना जाएगा. हमें इस सिलसिले में पुलिस महानिदेशक से पत्र मिला है. पत्र के मुताबिक ड्यूटी पर लौटने के बाद उन्हें वह सभी लाभ प्राप्त होंगे, जो एक पुरूष कांस्टेबल को मिलते हैं.

बीड के माजलगांव पुलिस थाना में पदस्थ कांस्टेबल ने पिछले वर्ष नवंबर में बंबई उच्च न्यायालय से अनुरोध किया था कि सर्जरी के लिए उन्हें अवकाश देने का राज्य के डीजीपी को निर्देश जारी करें.

पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सर्जरी के लिए एक माह का अवकाश देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद ललिता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था.

वहीं अदालत ने इसे सेवा से जुड़ा मामला बताते हुए उन्हें महाराष्ट्र प्रशासनिक अधिकरण से संपर्क करने को कहा था. इसके बाद राज्य के गृह विभाग से पिछले महीने सर्जरी के लिए उनकी छुट्टी मंजूर कर ली.

ललिता अब ‘ललित’ कहलाना पसंद करती हैं. उन्होंने कहा कि मैंने 29 वर्ष महिला के रूप में जिया है, अब आखिरकार इस स्थिति से मुझे छुटकारा मिल जाएगा. मैं एक नए जीवन की आशा करती हूं.

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement