Published On : Tue, Apr 14th, 2015

मूल : गांव की जनता डेंगू मलेरिया से परेशान


पालकमंत्री ने जायजा लेने की मांग

मूल (चंद्रपुर)। मूल और सावली तालुका में विभाजित मुरमाडी गांव आज भी शासन की अनेक सुविधाओं से वंचित है. मुरमाडी गांव की जनता डेंगू मलेरिया बुखार से हैरान है. शासन की स्वास्थ्य यंत्रणा मरीजों को सुविधा देने में असफल हो रही है. चंद्रपुर जिले के पालकमंत्री ने तुरंत इसकी ओर ध्यान देना चाहिए ऐसी मांग मुरमाडी के कांग्रेस कार्यकर्ता भोजराज मुठ्ठावार ने की है.

राजोली से 3 किमी दुरी पर वन्यप्राणियों के मुरमाडी गांव में गत पंद्रह दिनों से डेंगु मलेरिया बुखार ने नागरिकों को हैरान किया है. डेंगू मलेरिया सदृष्य गांव के मरीज देवकन्या मेश्राम, ललीता गेडाम, गोपीदास गेडाम, मीणा गेडाम, अरविंद मडावी, देवराव पेंदाम, दिवाकर मुठ्ठावार समेत कुछ मरीजों को डेंगू मलेरिया बुखार आने पर तुरंत राजोली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया. केंद्र के वैद्यकीय अधिकारी और सेवा देनेवाले कर्मचारीयों के पद खाली होने से उपचार नही हो पाया. जिससे मरीजों को निजी डा. रेवनकर, डा. भंडारी, डा.वढे के पास उपचार लेना पड़ा.

समय पर आरोग्य विभाग की यंत्रणा डेंगू मलेरिया जैसी बिमारियों पर उपचार करने में असमर्थ है. जिससे मुरमाडी के मरीज निजी अस्पताल का सहारा ले रहे है. हजारों रुपयों का चुना गरीब जनता को लग रहा है. डेंगू मलेरिया के मरीज पूरी तरह से ठीक होने तक गरीब मरीजों को रोकना मुश्किल हो रहा है. इसी परिस्थिति में चंद्रपुर जिले की आरोग्य यंत्रणा और जिले के पालकमंत्री तुरंत ध्यान दे ऐसी मांग मुरमाडी के कांग्रेस  कार्यकर्ता भोजराज मुठ्ठावार ने की है.

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