Published On : Sat, Jul 3rd, 2021

करोडो रुपये के काले धन के लेनदेन की आशंका धर्मादाय आयुक्त से स्कूल बिक्री हेतु ना हरकत प्रमाणपत्र रोकने की मांग – अग्रवाल

विदर्भ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप अग्रवाल ने आज एक बड़ा खुलासा करते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया की शहर की कई बड़ी स्कूल के संचालक अपनी स्कूले बेचकर विदेश भागने की तैयारी में लगे है। श्री अग्रवाल ने कहा की पिछले साल जब नो स्कूल नो फीस की मुहीम शहर में चालू की थी उस दिन से ही शहर की सभी स्कूलों का काला चिटठा खुलने लगा था और देखते ही देखते यह मुहीम राष्ट्रीय मुहीम बन गयी और पुरे राष्ट्र में नो स्कूल नो फीस की मांग उठने लगी और पालक अपनी आवाज बुलंद करने लगे।

शासन और प्रशासन का सकारात्मक पहल नहीं मिलने के कारण पालको को न्याय मिलने में देरी हो रही है लेकिन पालको के बढ़ते दबाव के कारण शासन और प्रशसन को न चाहते हुए भी कार्यवाही करनी पड़ रही है। पुरे महाराष्ट्र में तक़रीबन ९५%स्कूलों ने फर्जी PTA बनाकर पालको को पिछले १० सालो में लुटा है। विदर्भ पेरेंट्स एसोसिएशन की मांग पर ही शिक्षा राज्यमंत्री बच्चू कडु ने १० स्कूलों पर जाँच बैठाई थी।,

जिसके बाद यह मालूम पड़ा की शहर की कई प्रतिष्ठित स्कूलों ने पालको से करोडो रुपये की ठगी की है। श्री अग्रवाल ने इस बाबत मुख्यमंत्री को भी निवेदन दिया है की प्रदेश की सभी स्कूलों की CAG द्वारा जाँच कराई जाये जो विचाराधीन है। अपनी बुनियाद कमजोर होता देख शहर की कई स्कूल अपनी स्कूल बेचकर विदेश भागने की तैयारी में लगे है क्योकि उन्हें मालूम है की उक्त कार्यवाही अगर हो गयी तो उन्हें पालको को करोडो रुपये वापस करना पड़ेगा। श्री अग्रवाल ने आरोप लगाया की कानूनों की धज्जिया उड़ाते हुए इस प्रकार के बिक्री के सौदे को अंजाम दिया जा रहा है।

अग्रवाल ने बताया अधिकांश स्कूले धर्मादाय आयुक्त में पंजीकृत है और संचालको को इसे बिना धर्मादाय आयुक्त के अनुमति के सीवा बेचने का अधिकार नहीं है। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार यह भी पता लगा है की धर्मादाय आयुक्त में संस्था के संचालक बदल कर भी बेचने की कोशिश चालू है जो पूरी तरह गैर क़ानूनी है।

श्री अग्रवाल ने धर्मादाय आयुक्त से मांग की है की शहर की किसी भी स्कूल को बेचने हेतु या संचालक मंडल बदलने हेतु कोई भी निवेदन आता है तो उसे स्वीकार न किया जाये क्योकि बहुत जल्द फर्जी PTA की जाँच होने वाली है और इनके ऊपर करोडो रुपये की सरकारी
देनदारी निकलने वाली है इस लिए इस प्रकार की कोई भी अर्जी पर विचार ना किया जाये। श्री अग्रवाल ने यह भी कहा की इन सौदों में करोडो रुपये का काले धन का लेनदेन होने की उन्हें आशंका है। इसकी भी जाँच ED द्वारा होनी चाहिए। श्री अग्रवाल ने सभी स्कूल संचालको को चेतावनी दी है की बिना पालको की अनुमति के स्कूल बेचना या उसका सौदा करना पूरी तरह कानूनन गलत है।