Published On : Fri, Jun 12th, 2015

यवतमाल: किसान विधवा की आत्महत्या; मुख्यमंत्री रुके थे इस गांव में

Attempt suicide

Representational Pic

यवतमाल

महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यवतमाल जिले में एक भी किसान आत्महत्या न होने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यवतमाल का चयन किया था. जिसके चलते उन्होंने यवतमाल तहसील के पिंप्रीबुटी गांव में रात में मुकाम किया था और किसानों का हालचल जाना था. उसी पिंप्रीबुटी गांव की महिला किसान शांता प्रल्हाद ताजने (55) ने किटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली. उल्लेखनीय है कि, यह आत्महत्या कल 11 जून रात 7 बजे हुई.

प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में इस महिला के पती प्रल्हाद ताजने ने भी आत्महत्या की थी. मुख्यमंत्री ने 3 मार्च 2015 के पिंप्रीबुटी के मुकाम में इस किसान विधवा से बात की थी और इस महिला को बिजली कनेक्शन और रोगायो योजना से उसके खेत में सिंचाई कुआं भी देने के निर्देश दिए थे. मगर इन तीन माह में किसी भी अधिकारी ने सीएम के निर्देश की ओर ध्यान नहीं दिया. जिसके फलस्वरूप इस किसान विधवा ने आत्महत्या की. अभीतक इस किसान के खेत में कुआ खोदने का काम भी शुरू नहीं हुआ और ना ही बिजली कनेक्शन मिला. इस घटना से पिंप्रीबुटी के किसानों में दु:ख का माहौल है.