
सावनेर: प्रस्तावित डिफेंस न्यूक्लियर कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की गतिविधियों के विरोध में प्रभावित किसानों ने सावनेर में भव्य मोर्चा निकाला। हजारों की संख्या में महिला-पुरुष किसानों ने मोर्चे में हिस्सा लेते हुए सावनेर तहसील कार्यालय का घेराव किया और अपनी कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर अपनी कृषि भूमि परियोजना के लिए देने को तैयार नहीं हैं। किसानों ने “जमीन हमारी है, हम इसे किसी भी हालत में नहीं देंगे” और “हम एक इंच भी जमीन नहीं देंगे” जैसे नारे लगाए।
एसडीओ को सौंपा ज्ञापन
मोर्चे के दौरान किसानों ने उपविभागीय अधिकारी कल्याणकुमार डहाट को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां और मांगें रखीं। किसानों ने कहा कि खेती उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। उनका कहना है कि जमीन अधिग्रहण से संबंधित कोई भी निर्णय प्रभावित किसानों के साथ उचित चर्चा, पारदर्शी प्रक्रिया और उनकी सहमति को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए।
प्रशासन की ओर से किसानों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया। प्रदर्शन के चलते तहसील कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
संघर्ष समिति ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
न्यूक्लियर डिफेंस कॉरिडोर संघर्ष समिति ने कहा कि किसानों की मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। समिति की ओर से आगे आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी गई।
सांसद और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने किया संबोधित
मोर्चे को रामटेक लोकसभा के सांसद श्यामकुमार बर्वे, पूर्व विधायक सुनील केदार, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष नितीन राठी और पूर्व पंचायत समिति सभापति गोविंदा ठाकरे सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
इस अवसर पर मालेगांव के सरपंच धर्मेंद्रजी खोंडे, चंद्रकांत सोमकुवर, जोगा के सरपंच शंकररावजी टोंगे, पूर्व जिला परिषद सदस्य दिलीपराव उइके, जैतपुर-छत्रपुर ग्राम पंचायत के मनोहर काकड़े, सलाई के श्रीकांत मोहतकर, भावेश वाखोरे, सावली के हरीश मोहतकर और दिलीप मोहतकर, खुरसापार के नानाजी माडेकर, भूषण कुबड़े, मंगेश जोगी सहित विभिन्न गांवों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
नौ गांवों की आठ ग्राम पंचायतों के किसान शामिल
प्रस्तावित डिफेंस न्यूक्लियर कॉरिडोर के विरोध में निकाले गए इस मोर्चे में प्रभावित बताए जा रहे नौ गांवों की आठ ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इनमें हजारों महिला-पुरुष किसान और सावनेर तालुका कांग्रेस के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रत्येक ग्राम पंचायत की ओर से संबंधित अधिकारियों को निवेदन सौंपकर परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों की आपत्तियां दर्ज कराई गईं। किसानों ने कहा कि वे अपनी जमीन को लेकर अपना विरोध आगे भी जारी रखेंगे।




