Published On : Sat, Mar 7th, 2015

यवतमाल : राज्य के बजेट से किसानों को उम्मीद


फौरन सहायता मिलने के लिए लगाई गुहार

सीएम और वित्त मंत्री है विदर्भ के

Fadanvis and mungantiwar copy
यवतमाल। महाराष्ट्र की युती की नई सरकार का पहला बजेट  कुछ दिनों में प्रस्तूत होगा. जिससे किसानों को बड़ी उम्मीद है. फौरन सहायता राशि मिलने के लिए किसानों ने गुहार लगाई है. खरीफ में विलंब से वर्षा आने के कारण तो रबी में अकाली वर्षा और ओले पडऩे से फसल चौपट हो गई. जिससे किसानों की वित्तिय हालत जर्जर हो गई है. राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस और वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार विदर्भ से है. जिससे विदर्भ के किसानों को और जनता को इस बजेट से बड़ी उम्मीद है. इतना ही नहीं तो इस बार मुनगंटीवार ने बजेट में क्या प्रावधान होने चाहिए. इसके लिए जनता से प्रस्ताव आमंत्रित किए थे. जिससे उत्स्फूर्त प्रतिसाद प्राप्त हुआ है. इसका लाभ बजेट में प्रावधान करने के लिए होने की घोषणा वित्तमंत्री ने की है. जिससे इस बजेट पर सभी की उम्मीद लगी है.

विदर्भ में किसानों की आत्महत्या फसल को सही दाम न मिलने से हों रही है, ऐसा आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान किया था. वे यवतमाल के आर्णी तहसील के दाभड़ी बोरगाव में लाईव चाय पे चर्चा कार्यक्रम में बोल रहें थे. मोदीजी ने वहां एक फॉमूला भी दिया था लागत और 50 फिसदी मूनाफा मगर जब इस फामूर्ल पर अंमल करने का वक्त आया तो मात्र 50 रुपए प्रति क्विंटल के दाम बढ़ा दिए. जिससे युती सरकार भी कांग्रेस जैसी है, यह बात किसानों के और जनता के ध्यान में आ गई है. जनता से प्राप्त सूचनाओं को बजेट के लिए गंभीरता से लिया गया है, ऐसा भी वित्तमंत्री मुनगंटीवार ने बताया है. ऐसी जानकारी किशोर तिवारी ने दी है. 39,453 में से 24,811 गाव अकाल की चपेट में आ गए है. लगभग 60 फिसदी गाव में सरकार ने अकाल घोषित किया है. जिससे 90 लाख किसान अकाली चपेट में आ गए है. वैश्वीक मंदी के मार से किसानों के कपास, तुअर, सोयाबीन को दाम नहीं मिल पा रहें है. बजेट में किसानों का ध्यान पहले रखें ऐसी मांग भी किशोर तिवारी ने की है.