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    Published On : Mon, Jan 7th, 2019

    धरी गई नकली नोटों के नाम पर ठगने वाली गैंग

    नागपुर: डीसीपी जोन-5 हर्ष पोद्दार के विशेष दस्ते ने गोपनीय जानकारी के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से नकली नोटों के नाम पर लोगों को ठगने वाली गैंग को पकड़ा. पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य की तलाश जारी है. पकड़े गए आरोपियों में आनंदी अपार्टमेंट, वैशालीनगर निवासी शैलेष भैय्या रणदिवे (30), कामगारनगर, न्यू नंदनवन निवासी कौस्तुभ चंद्रकांत टिकले (27) और केलापुर, दहेगांव, वर्धा निवासी नितिन उर्फ लखन रूपचंद लोखंडे (28) का समावेश है. इस टोली का मुखिया सुभाषनगर निवासी संघपाल गाणार फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.

    पुलिस को जानकारी मिली थी कि यह गैंग लोगों को नकली नोट सप्लाई कर रही है. आला अधिकारियों को जानकारी देकर आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई गई. कांस्टेबल दिनेश यादव को बोगस ग्राहक बनाकर आरोपियों से संपर्क किया गया. आरोपियों ने 1 लाख के बदले 3 लाख रुपये की नोट देने का सौदा किया और छत्रपति चौक के समीप मिलने को बुलाया. पुलिस ने जाल बिछा लिया. छत्रपति चौक से आरोपियों ने दिनेश को राजीवनगर के पास स्थित सीतानगर में मिलने बुलाया. दिनेश और 1 पंच आरोपियों से मिलने गए. तीनों आरोपी कार क्र. एम.एच.30-ए.ई.1177 पर वहां पहुंचे. पहले से जाल बिछाकर बैठे पुलिस दस्ते ने उन्हें दबोच लिया, लेकिन जांच करने पर कुछ और ही मामला सामने आया.

    पुलिस की छापेमारी का करते थे नाटक
    आरोपी नकली नोट उपलब्ध करवाने के बहाने लोगों से संपर्क करते थे. उन्हें 1 लाख के बदले 3 लाख रुपये की नोट देने का वादा करते थे, लेकिन असल में उनके पास नकली नोट थे ही नहीं. 500 और 200 रुपये के 3-3 नोट बंडल के ऊपर और नीचे लगाकर गड्डी तैयार करते थे. बीच के सारे नोट चिल्ड्रन बैंक वाले होते थे. नकली नोट बिलकुल असली की तरह दिखते हैं, यह विश्वास दिलाने के लिए आरोपी असली नोट पर चूना और पानी लगाकर दिखाते थे. नोट का रंग छूटते ही खरीदार को विश्वास हो जाता था.

    जैसे ही आरोपियों नोटों की डील शुरू करते थे पीछे से संघपाल अपने साथी के साथ पुलिस बनकर छापा मार देता था. नोट खरीदने आया व्यक्ति पुलिस से बचने के लिए भाग जाता था और आरोपी उसकी रकम लेकर फरार हो जाते थे. इसी तरह आरोपियों ने एक व्यक्ति को ठगा था. उस व्यक्ति के 70,000 रुपये लेकर भाग गए थे. वारदात के बाद पुलिस को जानकारी मिली और उन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया.

    मामले की जांच पीएसआई जितेंद्र ठाकुर कर रहे हैं. संघपाल की तलाश जारी है. डीसीपी हर्ष पोद्दार के मार्गदर्शन में एपीआई ओमप्रकाश सोनटक्के, पीएसआई जीतेंद्र ठाकुर, कांस्टेबल प्रमोद वाघ, विनोद सोनटक्के, पंकज लांडे, दिनेश यादव, मृदुल नगरे, प्रभाकर मानकर और महेश बावने ने कार्रवाई को अंजाम दिया.

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