Published On : Fri, Dec 9th, 2016

पांचपावली क्षेत्र से 46 लाख लेकर फरार, आयकर अधिकारी बनकर आए थे तीन युवक, महिला पार्षद के घर में बदले जा रहे थे पुराने नोट

Washim Police Arest Natwarlal

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नागपुर। पांचपावली थानांतर्गत आसीनगर जोन के पास एक महिला पार्षद के घर से तीन नकली आयकर अधिकारी 46 लाख रुपए नकदी लेकर फरार हो गए। यह रकम वर्धमाननगर के दो व्यवसायी भाइयों ने लाए थे। 46 लाख में सभी नोट 2 हजार के थे। दोनों व्यवसायी चचेरे भाई हैं, जो 46 लाख देकर उसके बदले में 50 लाख पुराने नोट लेने वाले थे।

घटना की जानकारी पुलिस को दी जाए या नहीं। इस भ्रम में उलझे व्यवसायी भाईयों ने अंतत: पांचपावली थाने में पहुंचे। उसके बाद यह मामला उजागर हो गया। पांचपावली के थानेदार नरेंद्र हिवरे ने बताया की दोनों व्यवसायी भाइयों ने 46 लाख रुपए के नए लेकर आए थे। इसके बदले में वे 6 प्रतिशत की दर से 50 लाख रुपए के पुराने नोट लेकर जाने वाले थे।

चर्चा है की रकम करोड़ों में थी, लेकिन फिलहाल 46 लाख की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वर्धमान नगर निवासी अनुज अग्रवाल और विनीत अग्रवाल चचेरे भाई हैं। पटाखे की दुकान में काम करने वाले कलमना के सोनू नामक दोस्त ने अनुज और अग्रवाल को महिला पार्षद शबाना परवीन के घर में लेकर गया था। सोनू ने ही दोनों चचेरे भाइयों को महिला पार्षद के घर पर गुरुवार की शाम करीब 4 बजे लेकर गया। पार्षद का पति मो. जमाल इन दोनों भाइयों और सोनू के साथ अपने मकान की तीसरी मंजिल पर बैठा था। वहीं पर नोटों की अदला -बदला की जा रही थी।

इसी दौरान तीन लोग मो. जमाल के घर पर पहुंचे। तीनों ने खुद को आयकर अधिकारी बताते हुए अपना पहचान पत्र कार्ड दिखाया। ठीक उसी तरह से जैसे फिल्म स्पेशल 26 में अक्षय कुमार अपने साथियों के साथ कहीं पर भी रेट मारता है। तीनों युवकों ने जब उन्हें अपना आईडेंटी कार्ड दिखाया तो सभी लोग उन्हें आयकर अधिकारी मानकर उनकी आवभगत किया.

चाय नाश्ता होने के बाद तीनों ने मो. जमाल के मकान की तीसरी मंजिल पर मारपीट कर 46 लाख रुपए लेकर फरार हो गए। घटना के बाद अनुज और विनीत को सूझ नहीं रहा था की क्या करें। अंतत: पुलिस थाने में जाने के बाद मामला सामने आ गया। देर रात तक अपराध शाखा पुलिस उन तीनों नकली आयकर अधिकारियों की खोजबीन में जुटा हुआ था। तीनों नकली आयकर अधिकारी कहां से और कैसे आए थे। यह भी रहस्य बरकरार है। पांचपावली पुलिस ने धारा 370, 392 के तहत मामला दर्ज किया है। समाचार लिखे जाने तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला पाया था।