Published On : Thu, Dec 4th, 2014

चंद्रपुर : रिश्वतखोर विस्तार अधिकारी धराया


सरकारी योजना का लाभ देने के एवज में 3 हजार माँगी


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चंद्रपुर।
अंतरजातीय विवाह के लिए सरकारी अनुदान योजना की राशि के लिए एक व्यक्ति द्वारा लाभ प्राप्त करने जिला परिषद जाने पर विस्तार अधिकारी द्वारा 3000 की रिश्वत माँगी गई. जिसकी शिकायत के बाद एसीबी ने उसे रंगेहाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया. इस कार्यवाही के बाद कार्यालय परिसर में हड़कम्प मचा हुआ है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरियादी ने 24 फरवरी 2014 को एक अन्य धर्म की लड़की के साथ नागपुर स्थित आर्य समाज, हंसापुरी मंदिर में प्रेम-विवाह किया. प्रेम विवाह दर्ज करवाने मनपा के गांधीबाग जोन क्र. 6 के कार्यालय पहुँच आवेदन देकर विवाह का अधिकृत रजिस्ट्री करवाकर प्रमाण पत्र प्राप्त किया.

अंतरजातीय विवाह करने वाली जोड़ी के पुनर्वसन के लिए राज्य सरकार से 50,000/- रु. अनुदान दी जाती है. इस योजना का लाभ लेने के लिए फरियादी ने नवम्बर 2014 को जिला परिषद के समाज कल्याण विभाग में आवश्यक कागजात के साथ आवेदन पत्र दिया. उक्त योजना के कार्य चंद्रपुर के विस्तार अधिकारी रवीन्द्र रत्नपारखी के पास पहुंचा. नियमत: उक्त प्रस्ताव मंजूर करने के लिए फरियादी से रत्नपारखी ने 3000 रुपए की रिश्वत माँगी. फरियादी ने रुपये देने की बात कह कर उसकी शिकायत एसीबी, चंद्रपुर के पास दर्ज करवा दी. शिकायत पाकर 4 दिसम्बर 2014 को चंद्रपुर की एसीबी की यूनिट जिला परिषद के समाज कल्याण विभाग में जाल बिछायी रखी थी. फरियादी से रवीन्द्र रत्नपारखी जैसे ही रिश्वत की रकम स्वीकारी वैसे ही एसीबी ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया. उसके खिलाफ रिश्वत प्रतिबंधक अधिनियम 1988 के तहत चंद्रपुर शहर थाने में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है.

इस कार्यवाही में एसीबी, चंद्रपुर यूनिट के पुलिस उप अधीक्षक रोशन यादव, भुसारी, पुलिस निरीक्षक आचेवार व अन्य कर्मी शामिल थे. इसके बाद एसीबी नागपुर परिक्षेत्र के पुलिस आधीक्षक प्रकाश जाधव की तरफ से नागरिकों से आह्वान किया गया कि किसी भी सरकारी अधिकारी अथवा कर्मचारी द्वारा रिश्वत माँगी जाती है तो वे एसीबी की टोल फ्री नं. 1064 पर सम्पर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं.