Published On : Sat, Dec 15th, 2018

Zomato द्वारा निकला गया बिज़नेस असोसिएट कंपनी के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की तैयारी में

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नागपुर: ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी करने वाली कंपनी जोमैटो इन दिनों विवादों में है। बीते दिनों कंपनी के कर्मचारी का वीडिओ सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिसमे वह ग्राहकों को डिलीवर करने वाले खाने को ख़ुद ही खाता दिखाई दे रहा है। इस घटना के बाद कंपनी की बेहद किरकिरी हुई है। अब कंपनी के साथ नया विवाद नागपुर में सामने आया है। कंपनी के साथ बिज़नेस असोसिएट के तौर पर काम करने वाले लडके अतुल कटारिया को कंपनी के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाकर टर्मिनेट कर दिया गया। अतुल के मुताबिक उसे टर्मिनेशन का कोई लिखित ऑर्डर भी नहीं मिला है। इस मामले पर अतुल जोमैटो कंपनी के ख़िलाफ़ कोर्ट जाने की तैयारी में है। अतुल के मुताबिक उसे कंपनी के अधिकारियों ने मुँहजबानी बताया है कि उसने खुद खाने का ऑर्डर देकर डिलीवरी ली जो कंपनी के क़रार शर्तों का उल्लंघन किया है। इस वजह से उस पर कार्रवाई की गई। अतुल ने कंपनी के साथ हुए अग्रीमेंट की कॉपी दिखाते हुए बताया कि क़रार में कही भी इस बात का उल्लेख नहीं है की बिज़नेस असोसिएट पर्सनल ऑर्डर नहीं दे सकता।

इस मामले को लेकर जोमैटो कंपनी का पक्ष नहीं लिया जा सका है। पर अतुल का कहना है कि वह कंपनी के इस रुख को अदालत में चुनौती देगा। अतुल के वकील आशीष कटारिया ने बताया कि वो जल्द की केस फ़ाइल करने वाले है। यह मामला सिर्फ अतुल का नहीं बल्कि हजारों बच्चो के साथ जुड़ा हुआ है। यह बच्चे अप्रत्यक्ष तौर से कंपनी से जुड़े है लेकिन इनका कोई लेखा-जोखा कंपनी के पास नहीं है। कंपनी द्वारा पैसे कमाने के कई तरह की लालच दी जाती है जिस वजह से कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चे बिज़नेस असोसिएट के रूप में कंपनी के साथ जुड़ जाते है। इन्हे पद भले ही बिज़नेस असोसिएट का दिया गया हो लेकिन असल में काम यह डिलीवरी बॉय की तरह करते है। इनके पास न तो कंपनी का आय कार्ड होता है और न ही किसी तरह की सुविधा इन्हे दी जाती है। प्रत्येक डिलीवरी पर इन्हे कमीशन दिया जाता है। कमीशन जल्द डिलीवरी पर निर्भर है इसलिए यह बच्चे अक्सर डिलीवरी देने कोशिश में रहते है। जितनी अधिक डिलीवरी होगी उतना ही कमीशन बनता है। आशीष के मुताबिक कंपनी लाभ की निर्भरता कमीशन से तय कर एक तरह से बच्चो का शोषण कर रही है। इन बच्चो अगर कंपनी अपना कर्मचारी बनायेगी तो कर्मचारी हित की सभी शर्तो को पूरा करना बंधनकाररक हो जायेगा। इसी से बचने के लिए बिज़नेस असोसिएट का फंडा तैयार किया गया है। ज्ञात हो की बीते दिनों नागपुर में ही जॉब सिक्युरिटी को लेकर जोमैटो के सैकड़ों बिज़नेस असोसिएट ने नागपुर में काम बंद कर आंदोलन किया था।

कैसे काम करते है बिज़नेस असोसिएट
जोमैटो या अन्य किसी फ़ूड डिलीवरी कंपनी में काम करने वाले लोग पार्ट टाईम काम करते है। इस काम को करने वाले व्यक्ति के साथ कंपनी का एक क़रार होता है जिसके माध्यम से काम होता है। ग्राहक खाना मंगाने के लिए कंपनी की वेबसाईट पर ऑर्डर देता है। कंपनी का विभिन्न रेस्टोरेंट के साथ क़रार होता है। ग्राहक की डिमांड कंपनी के माध्यम से सीधे रेस्टोरेंट के पास पहुँचती है। इसके बाद कंपनी अपने बिज़नेस असोसिएट से संपर्क कर डिलीवरी देने की सूचना देती है। जिसके बाद बिज़नेस असोसिएट पिक एंड ड्रॉप की सुविधा ग्राहक को देता है इसके एवज में उसे समय,किलोमीटर के आधार पर कमीशन दिया जाता है।

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