Published On : Fri, Oct 29th, 2021

महामेट्रो को एक्ससेलन्स इन अर्बन ट्रांसपोर्ट का पुरस्कार

सर्वोत्तम मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन को लागू करने के लिए महामेट्रो का चयन

नागपुर: भारत सरकार के गृहनिर्माण तथा शहरी विकास मंत्रालय की ओर से महामेट्रो को ‘एक्ससेलन्स इन अर्बन ट्रांसपोर्ट’ का पुरस्कार प्रदान किया गया। शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री गृहनिर्माण तथा शहरी विकास श्री हरदीपसिंग पुरी के हस्ते महामेट्रो के प्रबंध निदेशक डॉ. ब्रजेश दीक्षित को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन को उत्कृष्ट तरीके से लागु करने के लिए महामेट्रो का चयन किया गया। अर्बन मोबिलिटी इंडिया की ओर से देश के मेट्रो रेल प्रकल्पों में उत्कृष्ट मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन अवॉर्ड के लिए प्रवेशिका मंगाए गए थे। तत्संबंधी जानकारी व प्रस्तुतिकरण लिखित स्वरुप में मांगी गई थी।

•2024 तक 50 शहरों में मेट्रो सेवा : श्री हरदीपसिंग पुरी :* वर्ष 2024 तक 50 शहरों में मेट्रो सेवा बहाल किए जाने की जानकारी केन्द्रीय मंत्री गृहनिर्माण तथा शहरी विकास श्री हरदीपसिंग पुरी ने दी। भाषण में उन्होंने कहा की शहरों की जनसंसख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। 2030 तक यह आंकड़ा 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा ।विश्व में ऊर्जा के कुल उपयोग में से 30 प्रतिशत उपयोग केवल शहरी भाग की यातायात व्यवस्था पर होगा। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए शहरी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था स्थायी कैसे रखी जाए , इस दृष्टिकोण से कार्य की रुपरेखा बनाई गई है। इसी अंतर्गत देश के 50 शहरों में वर्ष 2024 तक मेट्रो सेवा प्रारंभ होने का उल्लेख श्री पुरी ने किया।


•यातायात समस्या का सामना करने के लिये तैयार रहे: श्री मिश्रा*: सम्मेलन को संबोधित करते हुए, केंद्रीय गृह निर्माण व नगर विकास विभाग के सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा कहा कि यातायात समस्या पूरे देश में बढ़ती जा रही है. इसके निराकरण के लिये तैयार रहना आवश्यक है. इस वर्ष अर्बन मोबिलिटी इंडिया के सम्मेलन का याविषयी `मोबिलिटी फॉर ऑल’ इसी उद्देश्य को लेकर रखा गया.

•टीम वर्क और नागरिकों का सहयोग : डॉ दीक्षित:* एक्ससेलन्स इन अर्बन ट्रांसपोर्ट का पुरस्कार नागपुर मेट्रो को प्राप्त होने के संबंध में महामेट्रो के प्रबंध निदेशक डॉ. दीक्षित ने कहा कि योग्य वर्क तथा काम का सही नियोजन किया गया। नागरिकों द्वारा परियोजना को भरपूर सहयोग दिया गया। सभी के सहयोग के बूते पर नागपुर मेट्रो ने यह पुरस्कार प्राप्त किया है।

•परिवहन साधनों के एकीकरण को प्राथमिकता :*
एक दिवसीय यूएमआई शिखर सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर सेमिनार भी हुए। महा मेट्रो के प्रबंध निदेशक डॉ. बृजेश दीक्षित ने ‘एकीकरण सार्वजनिक परिवहन में सर्वोत्तम अभ्यास’ विषय पर सेमिनार में महा मेट्रो और मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन पर बात की। महा मेट्रो ने परियोजना की शुरुआत से ही इस योजना को शहर में लागू किया है और विकलांगों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि शहर में ऑटो रिक्शा चालकों को साथ लेकर उन्हें इस योजना में भागीदार बनाया। डॉ. दीक्षित ने कहा कि मेट्रो ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था बनाने और चार्जिंग पॉइन्ट मुहैया कराने पर जोर दिया है। डॉ. दीक्षित ने कहा कि नागपुर नगर निगम के साथ गैर मोटर चालित परिवहन पर विशेष ध्यान देते हुए 20 वर्षीय योजना बनाई है और उसी के अनुरूप उसे क्रियान्वित किया जाएगा।

मुख्य उद्देश्य: महा मेट्रो ने नागपुर मेट्रो परियोजना के साथ फीडर सेवा को लागू किया है जिसमें नागपुर मेट्रो भारत की पहली है। नागपुर मेट्रो ने सभी मेट्रो स्टेशनों पर मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन की योजना 23 मेट्रो स्टेशनों पर बनाई है। नागपुर शहर में मेट्रो सेवाएं, सिटी बसें, सार्वजनिक परिवहन, ई-रिक्शा, ई-बाइक, ऑटो, साइकिल, इलेक्ट्रिक स्कूटर, मेट्रो फीडर सेवाएं आदि हैं। महा मेट्रो मेट्रो स्टेशन के साथ इन सेवाओं के साथ सभी उपलब्ध साधनों को इंटीग्रेशन करने की योजना बना रही है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य शहर में यात्रियों को तेज, सुरक्षित, टिकाऊ और किफायती आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

महा मेट्रो की नागपुर मेट्रो परियोजना में मेट्रो स्टेशन पर सुविधाओं की योजना बनाना शामिल है । मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास के पास मेट्रो फीडर और सार्वजनिक परिवहन बसों के प्रावधान के साथ पिक-अप / ड्रॉप-ऑफ के साथ-साथ सरकार की अनुशंसित नीतियों के अनुसार पैदल यात्री सुरक्षा के लिए अलग फुटपाथ और साइकिल ट्रैक, साइकिल पार्किंग, दोपहिया और कार पार्किंग, मेट्रो ट्रेन में विकलांग लोगों की सुविधा। पार्किंग और साइकिल की सवारी मेट्रो स्टेशनों पर साइकिल, ई-स्कूटर, ई-रिक्शा, फीडर बस, हवाई अड्डों के लिए शटल बस आदि के संबंध में उपाय किए गए हैं। आवास और शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिया गया शहरी परिवहन में उत्कृष्टता का यह पुरस्कार महा मेट्रो और नागपुर शहर के लिए गर्व की बात है।

पुरस्कार के पैनल में आवास और शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार के अधिकारी, सेंटर फॉर एक्सीलेंस, अहमदाबाद के शिवानंद स्वामी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और विश्व संसाधन संगठन के अध्यक्ष और अन्य विशेषज्ञ शामिल थे। नागपुर में महा मेट्रो द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन की विस्तृत रूपरेखा और प्रस्तुति पैनल के समक्ष प्रस्तुत की गई।