Published On : Mon, Apr 17th, 2017

परीक्षा सिर पर लेकिन अब तक नहीं दिए विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र

Nagpur University
नागपुर:
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की ओर से 20 अप्रैल से एम.ए के द्वितीय और 21 अप्रैल से चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। जिसमें नागपुर विश्वविद्यालय से जुड़े लगभग 32 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी परीक्षा के प्रवेश पत्र विद्यार्थियों को नहीं दिए गए है। विश्वविद्यलय के नियमों के हिसाब से परीक्षा के एक सप्ताह पहले विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र दिए जाने चाहिए। लेकिन हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नागपुर विश्वविद्यलय ने अपना रिकॉर्ड बरकरार रखते हुए अब तक विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र नहीं दिए हैं। एम.ए द्वितीय दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं 20 अप्रैल से है। जबकि एम.ए चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं 21 अप्रैल से शुरू होने जा रही हैं। इसी सप्ताह होने जा रही दोनों परीक्षाओ के प्रवेश पत्र अब तक विद्यार्थियों को नहीं मिलने से अब विद्यार्थियों के बीच बेचैनी को साफ देखा जा सकता है।

2016 के शीतकालीन परीक्षाओं में भी विद्यापीठ की ओर से परीक्षा के एक दिन पहले कई विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र मिले थे। जिसके बाद कई जगहों पर विद्यार्थियों का रोष भी दिखाई दिया था। शहर के विभिन्न महाविद्यालयों में और कैंपस में पढ़ रहे विद्यार्थियों से जब प्रवेश पत्र मिलने के विषय में बात की गई तो उन्होंने अपनी नाराजगी जताते हुए बताया कि अभी तक किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश पत्र नहीं दिया गया है। जिसे देखते हुए ऐसा लगता है कि इस बार भी परीक्षा के ऐन पहले ही विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र थमाए जाएंगे। नागपुर विश्वविद्यालय हमेशा से ही डिजिटल विद्यापीठ बनाने की बात करता रहा है। अभी हाल ही में विद्यापीठ को कैशलेस बनाने की मुहीम भी छेड़ी गई है। लेकिन इतना डिजिटलायजेशन होने के बाद भी नागपुर विश्वविद्यालय की ओर से प्रवेश पत्रों को ऑनलाइन नहीं किया गया है। जिससे की विभाग और महाविद्यालय वेबसाइट में जाकर विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र मुहैय्या करा सकें।

अब ऐसी स्थिति में विद्यार्थी इम्तिहान के पहले पढ़ाई करने के बजाए प्रवेश पत्र के लिए विभाग के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं।इस बारे में जब राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विद्यापीठ के उप-कुलगुरु डॉ.प्रमोद येवले से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे इस बारे में अधिकारियों से चर्चा करने के बाद ही स्पष्ट कुछ कह पाएंगे।

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