Published On : Wed, Sep 23rd, 2020

हर कर्मचारी को मिलेगा अपॉइंटमेंट लेटर, ग्रेच्यूटी के लिए 5 साल जरूरी नहीं

लोकसभा में मजदूरों से जुड़े 3 बिल पारित

नागपुर– लोकसभा ने मंगलवार को मजदूरों से जुड़े तीन अहम बिलों को मंजूरी दी है. सरकार का कहना है कि ये तीनों बिल मजदूरों की जिंदगी में बड़े बदलाव लाएंगे. आज इन बिलों को राज्यसभा से पारित कराया जाएगा. लोकसभा से पारित ये तीन बिल 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह लेंगे. इन तीन बिलों में कोड ऑन सोशल सिक्यूरिटी, इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड और द ऑक्यूपेशन सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड शामिल हैं. लोकसभा में तीनों बिलों को मिलाकर बहस हुई और उन्हें पारित करवा लिया गया.
बिल में क्या है खास?

सभी तरह के कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य बनाया गया है. चाहे कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट पर ही क्यों न हो. सभी कर्मचारियों को ग्रेच्यूटी की सुविधा दी जाएगी, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को भी. उनको ग्रेच्यूटी पाने के लिए कंपनी में 5 साल काम करना जरूरी नहीं होगा. महिलाओं को रात की पाली (शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक) में काम करने की इजाजत दी गई है. सभी अस्थायी और प्लैटफॉर्म कामगारों (जैसे ओला और उबर ड्राइवर) को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाएगा.

प्रवासी मजदूरों को भी सुविधाएं दी जाएंगी, वो जहां भी जाएंगे उनका रजिस्ट्रेशन करवाया जाएगा. री स्कलिंग फंड बनाया जाएगा जो कर्मचारियों की छंटनी होने की स्थिति में उन्हें वैकल्पिक हुनर की ट्रेनिंग दी जाएगी. 10 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए ईपीएफ और ईएसआई की सुविधा देना होगा.

बिल के कुछ प्रावधानों पर हो सकता है विवाद

हालांकि बिल में कुछ ऐसे प्रावधान भी हैं जिनपर विवाद हो सकता है. खासकर ट्रेड यूनियनों को लेकर कई नियम बनाए गए हैं जो मजदूर संगठनों को नागवार गुजर सकते हैं. इसके साथ ही ये भी प्रावधान किया गया है कि वैसी कंपनियों को छंटनी के लिए सरकार की इजाजत नहीं लेनी पड़ेगी जिनमें कर्मचारियों की संख्या 300 से कम है. पहले ये सीमा 100 थी. वैसे सरकार का कहना है कि सबसे बात करके ही ये बिल तैयार किया गया है. 2002 में गठित श्रम आयोग ने देश में लागू 44 अलग कानूनों को मिलाकर 4 कानूनों में बदलने की सिफारिश की थी. आज जो तीन बिल पारित किए गए हैं उनमें 29 पुराने श्रम कानूनों को समाहित किया गया है.