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    Published On : Mon, Nov 19th, 2018
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    वर्धमान नगर में महारास लीला व रुक्मिणी विवाह संपन्न

    नागपुर: खंडेलवाल और सुरजन परिवार के संयुक्त यजमानत्व में हार्दिक लाॅन, वर्धमान नगर में श्रीमद् भागवत कथा का भक्तिमय आयोजन जारी है। श्रीधाम वृंदावन के कथा व्यास अनुरागकृष्णजी शास्त्री ने रविवार को महारास लीला, श्री कृष्ण मथुरागमन, गोपी उद्धव संवाद व रुक्मिणी विवाह का सुंदर वर्णन किया।

    कथा व्यास अनुरागकृष्णजी शास्त्री ने कहा कि भागवत पुराण में वर्णन है कि जीव को संसार का आकर्षण अपनी ओर खींचता है। उसे उस आकर्षण से हटाकर अपनी ओर आकर्षित करने के लिये जो तत्व साकार रूप में प्रकट हुआ, उस तत्व का नाम श्री कृष्ण है। रासलीला का सरस वर्णन करते हुए कहा कि श्री कृष्ण ने दिव्य व अलौकिक रासलीला ब्रजभूमि में की थी। जब सभी रस समाप्त होते हैं, वहीं से रास लीला आरंभ होती है।

    रास लीला में प्रेम की अनवरत धारा प्रवाहित होती है। श्री कृष्ण अपनी संगीत व नृत्य की कलाओं से गोपिकाओं को रिझाते थे। इस रास में जितनी गोपिकाएं होती थीं सभी के साथ श्री कृष्ण महारास रचाते थे। रसाधार श्री कृष्ण का महारास जीव का ब्रम्हा से सम्मिलन का परिचायक और प्रेम का एक महापर्व है।

    उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण ने गोपियों को ज्ञान संदेश देने के लिये उद्धवजी को उनके पास भेजा। पर, गोपियों के निष्काम प्रेम ने उन्हें जीत लिया। अतः निष्काम भक्ति ही सर्वश्रेष्ठ और भगवान की सुपात्रता प्राप्त करने का एकमात्र माध्यम है। रुक्मिणी विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि कथा व सत्संग के बल पर ही रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को प्राप्त किया। इस अवसर पर रुक्मिणी विवाह की सुंदर झांकी बनाई गई। सभी महिलाओं ने विवाह गीत गाकर परिसर को उल्लास से भर दिया।

    सोमवार को सुदामा चरित्र, श्री शुकदेव विदाई, व्यासपूजन, कथा विश्राम, हवन- पूर्णाहुति व महाप्रसाद होगा। भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थिति की अपील की गई है। कथा का समय 9.30 से 12 रखा गया है।


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