Published On : Thu, Jul 4th, 2019

सड़क बीच खंभे 4 माह में हटाए : हाईकोर्ट

Advertisement

नागपुर: हाईवोल्टेज लाइन के कारण 2 जुड़वां भाइयों की हुई मृत्यु को लेकर छपी खबरों पर स्वयं संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट की ओर से इसे जनहित में स्वीकार किया था. लगभग एक वर्ष से चल रही याचिका पर सुनवाई के दौरान गत समय अदालत मित्र की ओर से सड़कों पर खंभों को लेकर आपत्ति जताए जाने के बाद अदालत ने अब इसे अलग से जनहित याचिका के रूप में स्वीकृत किया.

इस संदर्भ में लगभग 17 वर्ष पूर्व अदालत में जनहित याचिका दायर की गई थी. याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत मित्र श्रीरंग भांडारकर ने कहा कि लंबे समय से सुनवाई जारी होने के बावजूद प्रतिवादियों की ओर से कोई भी ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं, जबकि केवल समय मांगा जा रहा है. सुनवाई के बाद न्यायाधीश सुनील शुक्रे और न्यायाधीश श्रीराम मोडक ने एक माह के भीतर प्रक्रिया शुरू करने के बाद 4 माह में सड़क के बीच के बिजली खंभे हटाने के आदेश मनपा और एमएसईडीसीएल को दिए.

Gold Rate
03 Feb 2026
Gold 24 KT ₹ 1,51,300 /-
Gold 22 KT ₹ 1,40,700 /-
Silver/Kg ₹ 2,62 600 /-
Platinum ₹ 90,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

6 माह का समय देने से इंकार
सुनवाई के दौरान अधि. पुराणिक ने कहा कि मनपा की नीति के अनुसार बारिश के दौरान खुदाई को अनुमति नहीं दी जाती है, जिससे खंभों को हटाने की प्रक्रिया बारिश के बाद ही हो सकती है. इसके अलावा यदि अब खंभों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है, तो निकट भविष्य में त्योहारों के दौरान बिजली गुल रहने से अलग परेशानी हो सकती है. अत: कम से कम 6 माह का समय देने का अनुरोध अदालत से किया.

मनपा की दलीलों पर आपत्ति जताते हुए अदालत का मानना था कि रखरखाव के नाम पर कई बार बिजली गुल रहती है. इसके अलावा अन्य मार्ग से बिजली उपलब्ध कराने का विकल्प है. इसके अलावा अब अत्याधुनिक मशीनरी उपलब्ध है, जिससे इतना समय लगना न्यायोचित दिखाई नहीं दे रहा है. सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से पहले केवल 2 माह में ही खंभों को हटाने के निर्देश दिए. किंतु कई तकनीकी अड़चन होने का हवाला दिए जाने के बाद अदालत ने 2 माह की समयावधि बढ़ाकर 4 माह में खंभे हटाने के आदेश जारी किए.

IRDP का 22 सड़कों का प्लान
मनपा की ओर से बताया गया कि शहर की आईआरडीपी की 22 सड़कों पर से बिजली के खंभे हटाए जाएंगे. मनपा की ओर से दायर किए गए शपथपत्र को अब स्वतंत्र रूप से जनहित के रूप में स्वीकृत कर लिया. अदालत मित्र का मानना था कि दिन-ब-दिन शहर की सड़कों का चौड़ाईकरण हो रहा है, जिससे चौड़ाईकरण के पहले सड़कों के किनारे के बिजली के खंभे अब सड़कों के बीच आ गए हैं. इस संदर्भ में 12 वर्षों पहले जनहित याचिका दायर की गई थी. राज्य सरकार की ओर से अति. सरकारी वकील आनंद फुलझेले, मनपा की ओर से अधि. सुधीर पुराणिक और एमएसईडीसीएल की ओर से अधि. काजी ने पैरवी की.

GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Advertisement
Advertisement