Published On : Thu, Nov 13th, 2014

उमरखेड़ : एमआईएम की मान्यता रद्द करे चुनाव आयोग!


एक ही धर्म का कर रही है प्रचार-प्रसार : श्रीराम मित्र मण्डल ने सौंपा आरोपों भरा निवेदन

उमरखेड़ (यवतमाल)। हैदराबाद की जलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी सिर्फ मुस्लिम धर्म की ही सभा ले रहे हैं. हिन्दू राजनितिक नेता और देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक शब्दावली का उपयोग कर रहे हैं. उनके विचार कट्टर मुस्लिमों वाली है. भारत एक लोकतांत्रिक व धर्मनिरपेक्ष देश है. भारत में एक ही धर्म का प्रचार-प्रसार करने वाली पार्टी पर प्रतिबन्ध लगाने की आवश्यकता है. भारतीय संविधान में धर्म पर आधारित राजनितिक पार्टी की स्थापना करने का प्रावधान नहीं है. ऐसे में एमआईएम पार्टी पर प्रतिबन्ध लगाते हुए क्यों न उसकी मान्यता भी चुनाव आयोग रद्द कर दे. ऐसे आरोप लगाते हुए श्रीराम मित्र मण्डल, उमरखेड़ ने हाल ही में चुनाव आयोग से मांग की.

उन्होंने यहाँ जारी विज्ञप्ति में बताया कि एमआईएम पार्टी ने जिन जगहों पर अपने उम्मीदवार नामांकित करवाये वे सारे मुस्लिम धर्म के उम्मीदवार हैं. वहीं पार्टी के आज तक जितने भी उम्मीदवार विजयी हुए हैं, उनमें अधिकतर मुस्लिम हैं. उनके पदाधिकारी भी धर्मावलम्बी हैं. वे विवादास्पद बयानबाज़ी करते हैं. जो हिन्दू विरोधी हैं. ऐसे ही अनेक आरोपों के साथ मण्डल ने एमआईएम पार्टी की मान्यता को रद्द कर दिए जाने पर बल दिया है. निवेदनकर्ताओं में अध्यक्ष संजीव जाधव, उपाध्यक्ष पप्पू जायसवाल, सचिव सुनील टाक, रमेश चव्हाण, सोमनाथ डांगे, गणेश गरड, सतीश विजोरी, विजय माळवे, युवराज देवसरकर, अजय नरवाड़े, अवधूत शिंदे, महामुने, अनमोल अग्रवाल, विट्ठल वाघमारे, सुनील पारेख, विदुल वाघमारे, सुनील शहाणे, अभिजीत सुरोहो, शुभम उगले, एस. के. दगड़फोड़े, आईनाथ तकतोड़े, गजानन खंडारे, अभय कुकड़े, सागर कदम, नितिन लोखंडे, संजय भदरे, बालासाहेब लोखंडे, बसवेश्वर श्रीरीसागर, महेश टिंगरे, संदीप नेमाडे, नितिन फुलारी, किसान खंदारे, रवि बावने, लक्ष्मण देवकर के साथ मण्डल के सम्पूर्ण सदस्य मौजूद थे.

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