Published On : Sat, Dec 14th, 2019

चीनी ई-कॉमर्स पोर्टल्स से भारत में आयात किए जा रहे सामानों पर प्रतिबन्ध के आदेश

नागपुर– डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) द्वारा “उपहार मार्ग” के माध्यम से चीनी ई-कॉमर्स पोर्टल्स से भारत में आयात किए जा रहे सामानों पर प्रतिबन्ध के आदेश से ई कॉमर्स कंपनियों द्वारा अपनाई जा रही अनैतिक और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं को रोकने के लिए एक बड़ा कदम कदम है।

इस कदम पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल की सराहना करते हुए कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा की कैट का एक प्रतिनिधिमंडल अक्टूबर में पीयूष गोयल से मिला था और ई कॉमर्स कंपनियों द्वारा इस रूट से हो रहे अनैतिक व्यापार पर गंभीर चिंता जताते हुए इसको रोकने की मांग की थी जिस पर उन्होंने कार्रवाईका आश्वासन दिया था और अपने वाडे के अनुरूप उन्होंने कार्रवाई की है जिसका स्वागत देश का समस्त व्यापारी वर्ग कर रहा है ! चीन की ई-कॉमर्स कंपनियां भारतीय बाजार में चीनी सामानों को बेहद अधिक मात्रा में भेजने के लिए इस रूट का फायदा उठा रहीं थी !

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भारतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने एक संयुक्त बयान में कहा कि ऐसे सामानों का आयात जो बिना किसी शुल्क केभुगतान के भारत में प्रवेश करते हैं, न केवल इन पोर्टल्स को अनुचित लाभ देकर भारतीय खुदरा व्यापार को प्रभावित करते हैं, बल्कि सरकार के मेक इन इंडियाकार्यक्रम की भी धज्जियाँ उड़ा रहीं थी ! उन्होंने आगे कहा कि ऐसे चैनलों के माध्यम से अवैध व्यापार गतिविधियों का भी बड़ा जोखिम था क्योंकि दस्तावेजों की किसी भी उचित पहचान के बिना सामान आसानी से आयात किया जा सकता था।

भरतिया एवं खंडेलवाल ने कहा की इस तरह के आयातों पर अंकुश लगाने का यह कदम सभी ई कॉमर्स पोर्टलों को निष्पक्ष और अवैध तरीके से कारोबार करनेके लिए एक मजबूत संकेत भेजता है, जिससे निष्पक्ष बाजार प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होती है और भारतीय कानूनों की पवित्रता भी बनी रहती है।