Published On : Mon, Sep 4th, 2017

शेष तालाबों पर विसर्जन के रोकने से फुटाला तालाब पर बढ़ा प्रदूषण का खतरा

ganesh immersion (3)
नागपुर:
 शहर में गणेश विसर्जन की शुरुआत हो चुकी है. गांधीसागर तालाब, सक्करदरा तालाब और सोनेगांव तालाब में गणेश विसर्जन पर पाबंदी लगी है. इन तालाबों पर विसर्जन न हो इसके लिए बैरिकेड लगाए गए हैं. जिसके कारण पूरे शहर के गणेश विसर्जन की जिम्मेदारी इस बार फुटाला तालाब पर ही रहेगी और गणेश विसर्जन के बाद फुटाला तालाब की स्थिति काफी चिंताजनक हो सकती है. हर बार की तरह इस बार भी नागपुर महानगर पालिका की ओर से एनजीओ को यह जिम्मेदारी दी गयी थी कि वे नागरिकों को गणेश विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाबों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करे.

लेकिन इस बार भी बैठक में भाग लेनेवाले विभिन्न एनजीओ इस में रुचि लेते दिखाई नहीं दिए. फुटाला के एक कोने में ग्रीन विजिल की टीम की ओर से नागरिकों को कृत्रिम तालाबों में गणेश विसर्जन की सलाह दी जा रही है. लेकिन शेष जगहों पर कोई भी एनजीओ का या मनपा का कर्मचारी तैनात नहीं होने की वजह से फुटाला तालाब में कई जगहों से विसर्जन शुरू है. पिछले वर्ष 2016 में कुल 3785 गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया गया था. जिसमें से कृत्रिम तालाबों में 2429 मूर्तियों का विसर्जन किया गया था. जबकि 1356 मुर्तिया तालाब में विसर्जित की गई थी. इस वर्षं दसवे दिन तक कुल 3038 मुर्तिया विसर्जित की जा चुकी हैं. जिसमें कृत्रिम तालाब में 2935 और फुटाला तालाब में 94 मूर्तियां विसर्जित की जा चुकी हैं. यह फुटाला तालाब परिसर के आकड़े हैं.

ग्रीन विजिल के अनुसार रोज पिछले वर्ष की तुलना में दो गुनी मुर्तियां विसर्जित की जा रही हैं. बाकी तालाबों में बैरिकेड लगने के कारण अब दो दिन में फुटाला तालाब में विसर्जन के लिए काफी भीड़ उमड़नेवाली है. जिसके कारण इस वर्ष भी फुटाला तालाब प्रदूषण की भेंट चढ़नेवाला है. पिछलेवर्ष करीब 1 लाख 75 हजार मूर्तियों का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में किया गया था. नागपुर महानगर पालिका की योजना इस बार भी फेल हो चुकी है. क्योकि मनपा ने जब एनजीओ के साथ मीटिंग की तो सभी को यह बताना चाहिए था कि सभी एनजीओ के कुछ सदस्यों को फुटाला तालाब के शेष जगहों के पास रहना होगा. जिससे फुटाला में सभी जगहों पर लोगों को प्रेरित किया जा सकता था कि तालाब में छोटी मुर्तियां विसर्जित न करे. मनपा अपने कर्मचारी भी यहां पर तैनात कर सकती थी लेकिन मनपा ने यह भी नहीं किया. जिसके कारण एक बार फिर पर्यावरण को बचाने के लिए मनपा द्वारा उठाए गए कदम सही जगह नहीं पड़ते दिखाई दे रहे है.

मनपा की ओर से जब दो जगहों पर विसर्जन बंद किया गया था तो शेष जगहों पर एनजीओ को तैनात करने की योजना बनाई जानी चाहिए थी लेकिन मनपा इसमें नाकाम रही. पिछले 10 दिनों से फुटाला तालाब के पास कृत्रिम तालाबों में गणेश मुर्तियां विसर्जित करने के लिए ग्रीन विजिल संस्था नागरिकों को जागरुक कर रही है. संस्था की ओर से फुटाला तालाब पर तैनात ग्रीन विजिल की टीम लीडर सुरभि जैस्वाल ने बताया की हम दस दिन से मोर्चा जीत रहे है लेकिन आखरी क्षण में युद्ध हार चुके हैं. पिछले तीन दिनों से इस बारे में मनपा के स्वास्थ अधिकारी डॉ. प्रदीप दासरवार से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने कोई प्रतिसाद नहीं दिया.