Published On : Wed, Mar 13th, 2019

वित्तीय संकट में फंसे एस्सेल समूह के चलते अधर में लटकी मनपा की वेस्ट टू एनर्जी परियोजना

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नागपुर: जबलपुर मे कचरे से बिजली तैयार करनेवाली परियोजना की तर्ज पर नागपुर मनपा ने भी इसी तरह की परियोजना शुरू करने की पहल की. जिसके लिए परियोजना तैयार करने का काम एस्सेल समूह को दिया गया. अगले वर्ष के दिसंबर माह में यह प्रकल्प पूरी होने की संभावना जताई गई थी, लेकिन एस्सेल समूह वर्तमान में आर्थिक संकट का सामना कर रही है, जिससे यह परियोजना अधर में लटकने का संदेह जताया जा रहा है.

याद रहे कि मनपा की कचरे से बिजली निर्माण की परियोजना भांडेवाड़ी परिसर में १० एकड़ जगह में शुरू होने वाली थी. इससे बननेवाली बिजली महावितरण को देने का करार भी किया गया था. इसके लिए मनपा,महावितरण व बिजली निर्माण करने वाली ठेकेदार कंपनी एस्सेल समूह के मध्य करार भी हुआ था. इन दिनों ज़ी समूह आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है. ज़ी समूह से सम्बंधित एस्सेल समूह है, इसलिए मनपा की महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर शंका-कुशंका जताने का क्रम जारी है.

एस्सेल और मनपा के करार के अनुसार एस्सेल समूह रोजाना बिजली निर्माण के लिए ८०० टन कचरा मनपा से लेगी. इस कचरों से ११.५ मेगावॉट बिजली पैदा की जाएगी. लेकिन एस्सेल समूह के आर्थिक संकट से यह संकट में आ गया है.

पिछले वर्ष इस प्रकल्प का भूमिपूजन किया गया था. इस प्रकल्प को २४ माह में तैयार करने की समयावधि भी दी गई थी. इस परियोजना का निर्माणकार्य अगले वर्ष २०२० के नवम्बर में ख़त्म कर दिसंबर माह से बिजली निर्माण किया जाना था. निर्मित बिजली को पारडी उपकेंद्र के मार्फ़त महावितरण को बिजली देना तय किया गया था.

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