Published On : Thu, Apr 8th, 2021

जिलाधिकारी के आदेश से रेमडेसिवर इंजेक्शन ज्यादा दामों पर खरीदने को मजबूर मरीज -अग्रवाल

नागपुर – भ्रष्टाचार विरोधी जनमन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने नागपुर के जिल्हाधिकारी के दिनांक ०६/०४/२०२१ के आदेश पर सवाल खड़े करते हुए कहा है रेमडेसिव्हर इंजेक्शन जो कोविड -१९ के मरीजों के लिए जीवनावश्यक है उसे सिर्फ हॉस्पिटलों व हॉस्पिटलों से जुडी फार्मसी को देना शासन का अन्यायकारक निर्णय है। श्री अग्रवाल ने कहा कि रेमडेसिव्हर इंजेक्शन पर MRP तक़रीबन ५५००/- रुपये की लिखी है। जबकि यह इंजेक्शन खुले बाजार में करीब १५००/- रुपये से कम में उपलब्ध था। अब जब सरकार ने इसे खुलेबाजार में बेचने पर पाबन्दी लगा दी है तो यह मरीजों को हॉस्पिटल – ५५००/- से निचे नहीं देंगे। यह मरीजों के साथ अन्यायकारक है।

महाराष्ट्र सरकार ने पहले ही दिसंबर २०२० में रेमडेसिव्हर इंजेक्शन का अधिकतम दाम २३६०/- रुपये निर्धारित कर दिया था जिसके बावजूद कोई भी हॉस्पिटल इस अधिकतम सीमा को नहीं मान रहा। श्री अग्रवाल ने आगे कहा की पुरे कोविड काल में हॉस्पिटलों द्वारा मरीजों से मनमानी तरीके से गैरवाजिब पैसो की उगाई के मामले सामने आये है। सरकार द्वारा ८०% बेड सरकारी दर पर इलाज के लिए आरक्षित करने के आदेश भी
हॉस्पिटल नहीं मान रहे और प्रशासन उन पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा।

श्री अग्रवाल ने मांग की जिल्हाधिकारी तत्काल अपना आदेश वापस ले तथा सभी होलसेल विक्रेताओं से समन्वय स्थापित कर रेमडेसिव्हर इंजेक्शन वाजिब
दामों पर जनता को उपलब्ध कराने में मदद करे।