
नागपुर – शहर के व्यस्त मुंजे चौक परिसर में रविवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 4 से 5 हथियारबंद लोग वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान पिस्तौल और तलवारें लहराई गईं। बताया जा रहा है कि निशाने पर चर्चित गैंगस्टर भुरु उर्फ अकरम शेख का भाई रज्जाक शेख था। हालांकि, रज्जाक समय रहते वहां से निकल गया और बड़ी वारदात टल गई।
रज्जाक के 14 वर्षीय बेटे आबिद उर्फ आबू शेख की गत गुरुवार रात जरीपटका थाना क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। बेटे की हत्या के बाद रज्जाक और उसके करीबियों में भारी आक्रोश बताया जा रहा है। इसी बीच रिश्तेदारों के साथ विवाद और हथियारों के प्रदर्शन की घटना सामने आने से शहर में गैंगवार की आशंका को लेकर पुलिस सतर्क हो गई है।
लोहापुल के पास हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, शनिवार को लोहापुल के पास रज्जाक का भुरु के साले और अन्य रिश्तेदारों के साथ विवाद हुआ था। बताया जाता है कि रज्जाक अपने भाई भुरु और भतीजे पर हुए जानलेवा हमले को लेकर रिश्तेदारों से नाराज था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई थी।
रज्जाक मुंजे चौक परिसर में ट्रैवल्स का व्यवसाय करता है। रविवार को इसी परिसर में कुछ लोग उसके पास पहुंचे। आरोप है कि उनके हाथों में पिस्तौल और तलवारें थीं। हथियार देखकर वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। रज्जाक और उसके साथी मौके से निकलने लगे, तो आरोपी कुछ दूरी तक उनके पीछे भी दौड़े।
ट्रैफिक पुलिस ने दी सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद सीताबर्डी पुलिस का दल तत्काल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। देर रात तक मामले में आगे की कार्रवाई जारी थी।
बेटे की हत्या के बाद पहले भी हुआ था बवाल
आबिद उर्फ आबू की हत्या के बाद जरीपटका परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। आरोप है कि बेटे की हत्या के बाद रज्जाक ने कुछ दुकानों में पथराव और तोड़फोड़ भी की थी। वहीं, हत्या के आरोपियों की न्यायालय में पेशी के दौरान भी हमला करने की योजना बनाए जाने की चर्चा सामने आई थी।
लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए पुलिस के सामने अब शहर में किसी बड़ी हिंसक वारदात को रोकने की चुनौती है। मुंजे चौक की घटना के बाद पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।




