Published On : Sat, Mar 14th, 2020

दिशा एक्ट’ लागू करने की तैयारी, विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया :अनिल देशमुख

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नागपुर– महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार कड़े कदम उठाने जा रही है. राज्य सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है.

इसमें आंध्रप्रदेश में लागू हुए ‘दिशा एक्ट’ जैसे कानून को पास किया जाएगा. राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने शनिवार को यह जानकारी दी. दरअसल, कोरोना संक्रमण के चलते इस बार तय समय से पहले शनिवार को विधानसभा का बजट सत्र खत्म कर दिया जा रहा है.पहले यह 20 मार्च तक चलने वाला था.

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उद्धव ने वर्धा की घटना के बाद कड़े कानून लागू करने की बात कही थी

फरवरी में महाराष्ट्र के वर्धा में एकतरफा प्यार में जिंदा जलाई गई महिला लेक्चरर की मृत्यु हो गई थी. जिसके बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा था कि राज्य में जल्द ही एक ऐसे कानून बनेगा, जिसमें महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचार को रोकने के लिए सजा के कड़े प्रावधान होंगे. माना जा रहा है कि ‘दिशा कानून’ उसी ओर सरकार का बढ़ाया एक कदम है.

क्या है दिशा एक्ट?
साल 2019 में आंध्रप्रदेश विधानसभा ने आंध्र प्रदेश क्रिमिनल लॉ संशोधन बिल (आन्ध्र प्रदेश दिशा बिल, 2019 अथवा दिशा बिल) को पारित किया था. इस बिल के द्वारा महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है. इस बिल के मुताबिक मामला दर्ज होने के 21 दिन के भीतर ही सजा दी जाएगी. इसमें दुष्कर्म और तेजाब हमलों जैसे अपराधों में मृत्युदंड तक का प्रावधान किया गया है.

दिशा के तहत बच्चों के विरुद्ध यौन शोषण के अपराधों के लिए दोषियों को 10 से 14 वर्ष कैद की सजा दी जा सकती है.

इस कानून के तहत उन लोगों के विरुद्ध भी कड़ी कारवाई की जायेगी जो सोशल मीडिया पर महिलाओं के विरुद्ध अभद्र पोस्ट अपलोड करते हैं.

इस मामले में पहली बार अपराध करने वाले व्यक्ति को दो वर्ष की जेल की सज़ा तथा दूसरी बार अपराध करने वाले व्यक्ति को चार वर्ष कैद की सजा दी जा सकती है.

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